विवादित बयान पर CM ने दी कड़ी चेतावनी, कहा- बख्शा नहीं जाएगा कोई भी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बीजेपी सांसद अनंत महाराज की तरफ से नेताजी को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि नेताजी के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी या बयानबाजी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सौजन्य से:- AajTak
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस को भारत की आजादी दिलाने वाले एक सच्चे देशभक्त के रूप में पूरा देश और हर नागरिक सम्मान की नजर से देखता है. लेकिन हाल ही में बीजेपी सांसद अनंत महाराज की तरफ से नेताजी को लेकर कथित रूप से कुछ ऐसे बयान दिए जिस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. इस पूरे मामले पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दो टूक और कड़े शब्दों में अपनी बात रखी है.
अपनी ही पार्टी के सांसद की विवादित टिप्पणी पर सीएम शुभेंदु ने साफ तौर पर कहा है कि कानून व्यवस्था देश और राज्य के हर नागरिक के लिए बिल्कुल बराबर है. चाहे कोई भी हो. अगर किसी ने हमारे महान स्वतंत्रता सेनानी का अपमान करने की हिम्मत दिखाई है, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
दरअसल, नागेन रॉय (अनंत महाराज) ने गांधी-नेहरू के आंदोलनों और आजादी के इतिहास पर सवाल उठाए. उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज की प्रासंगिकता को खारिज करते हुए कहा, 'क्या नेताजी के पिता के पास कोई सत्ता थी? या वो खुद आजाद हिंद फौज बना रहे थे? वो सभी असल में ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिक थे. जर्मनों ने उन ब्रिटिश सैनिकों को बंदी बनाया और बाद में नेताजी को सौंप दिया. नेताजी ने उस मौके का सरासर गलत इस्तेमाल किया.
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उन्होंने ब्रिटिश कालीन कानून व्यवस्था की तारीफ की और कहा, 'हमारे पूर्वजों ने आजाद हिंद फौज के किसी भी व्यक्ति को सजा नहीं दी थी. अगर आज कोई सरकार के खिलाफ हथियार उठाता है, तो उसे मेरा सामना करना पड़ेगा. ब्रिटिश शासन में भी कड़े नियम-कानून थे. तो फिर आजाद हिंद फौज ने अंग्रेजों के खिलाफ हथियार क्यों उठाए? उस समय उन्हें मृत्युदंड क्यों नहीं दिया गया?'
CM शुभेंदु बोले-कानून सबके लिए बराबर
शुभेंदु अधिकारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल की धरती पर देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी या बयानबाजी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सरकार इस तरह की सोच का बिल्कुल भी समर्थन नहीं करती और राज्य में ऐसा करने की किसी को भी इजाजत नहीं दी जाएगी.
CM ने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने अपनी साइबर सेल को बहुत स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं. सोशल मीडिया पर जो लोग झूठ फैला रहे हैं या नेताजी के सम्मान को ठेस पहुंचाने की हिमाकत कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस और सरकार इस पूरी हरकत को बिल्कुल भी हल्के में नहीं ले रही है.
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प्रशासन का साफ कहना है कि अगर ऐसे लोग चाहते हैं कि उन पर कानूनी शिकंजा थोड़ा ढीला हो, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी. सोशल मीडिया पर अपनी गलती स्वीकार करते हुए पोस्ट डालनी होगी, हालांकि इसके बावजूद पुलिस अपने नियमों और तय धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई जरूर करेगी.
यह भी पढ़ें: 'न BJP का कोई कार्यकर्ता था, न ही झंडा', ममता बनर्जी पर हमले के आरोपों पर बोले CM शुभेंदु अधिकारी
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा स्थापित करके उनका जो मान बढ़ाया है, पूरा देश उसकी सराहना करता है. इसी प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए राज्य में अब हर एक 'एमएलए सेवा केंद्र'का नाम बदलकर 'नेताजी सेवा केंद्र' रखा जाएगा.
उन्होंने यह भी जोड़ा कि उत्तर बंगाल से ताल्लुक रखने वाले तमाम लोग सच्चे देशभक्त हैं. सरकार और पुलिस मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में कोई भी देश के महान नायकों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके.
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