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हरदोई में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियाँ: अधिक से अधिक मामले निपटाने पर फोकस

हरदोई में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के लिए जिले के सभी न्यायिक मजिस्ट्रेट अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में अधिकारियों ने सुलह-समझौते के माध्यम से मामलों का निपटान और वादों का शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया।

12 अगस्त 2026 को 08:56 am बजे
हरदोई में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियाँ: अधिक से अधिक मामले निपटाने पर फोकस

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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हरदोई में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी:ज्यादा से ज्यादा मामले निपटाने पर जोर, सुलह-समझौते से होगा निस्तारण

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हरदोई में राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से न्यायिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में अधिक से अधिक वादों के निस्तारण और सुलह-समझौते के आधार पर मामलों को निपटाने पर जोर दिया गया। यह बैठक 12 अगस्त 2026 को बुधवार दोपहर 1:30 बजे आयोजित की गई थी।

अपर जिला जज एवं राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी भूपेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के सभी न्यायिक मजिस्ट्रेट अधिकारियों ने भाग लिया। माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती रीता कौशिक के कुशल निर्देशन में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नोडल अधिकारी भूपेन्द्र प्रताप ने न्यायिक मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकतम वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पक्षकारों के बीच आपसी सहमति और समझौते के माध्यम से विवादों के समाधान को प्राथमिकता देने पर बल दिया।

सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्मिता गोस्वामी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को आयोजित होगी। इसमें समझौते योग्य आपराधिक मामले, धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामले, मोटर दुर्घटना प्रतिकर मामले, वैवाहिक मामले, श्रम विवाद, भूमि अधिग्रहण मामले, विद्युत बिल से संबंधित मामले, सिविल वाद और राजस्व वाद आदि का निस्तारण किया जाएगा। हालांकि, विद्युत से संबंधित अशमनीय वादों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है।

बैठक में अधिकारियों ने लोक अदालत के माध्यम से मामलों के शीघ्र और आपसी सहमति से निस्तारण के महत्व पर भी चर्चा की। लोक अदालत के जरिए पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलने के साथ विवादों का सरल तरीके से समाधान संभव होता है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ऋचा वर्मा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अंजली रानी, अनुराग यादव, ऋचा शर्मा, सचिन वर्मा, अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन कल्पना यादव, अर्शी नूर, सिविल जज जूनियर डिवीजन कुमार आशीष, न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद यूनिस, साक्षी चौधरी, लवलेश कुमार और विशाल दीक्षित सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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