कर्नाटक सरकार को अदालत का निर्देश: यूएपीए मामलों के लिए अतिरिक्त अदालत स्थापित करें
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को यूएपीए मामलों की सुनवाई के लिए एक अतिरिक्त अदालत की स्थापना करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश पीएफआइ साजिश मामले में 707 गवाहों की सुनवाई के मद्देनजर दिया गया है।

सौजन्य से:- जागरण
'यू. ए. पी. ए. मामलों के लिए अतिरिक्त कोर्ट बनाएं', सुप्रीम कोर्ट का कर्नाटक सरकार को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को यूएपीए मामलों की सुनवाई के लिए एक अतिरिक्त विशेष अदालत का बुनियादी ढांचा तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ...और पढ़ें
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को यूएपीए कोर्ट हेतु निर्देश दिया।
- अतिरिक्त विशेष अदालत के लिए बुनियादी ढांचा तुरंत उपलब्ध कराया जाए।
- पीएफआइ साजिश मामले में 707 गवाहों की सुनवाई होगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कर्नाटक सरकार को निर्देश दिया कि वह गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामलों की रोजाना सुनवाई के लिए एक अतिरिक्त विशेष अदालत के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराए। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य के पास ट्रायल को वर्षों तक खींचने की छूट नहीं हो सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को दिए निर्देश
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने शाहिद खान की याचिका पर सुनवाई करते समय यह आदेश दिया। वह पीएफआइ (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) साजिश मामले में आरोपित है।
इस मामले में अभियोजन पक्ष 707 गवाहों से पूछताछ करना चाहता है। सीजेआइ ने ओदश में कहा, "कर्नाटका राज्य को निर्देश देते हैं कि वह तुरंत आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराए।
इसमें कर्नाटक उच्च न्यायिक सेवा में एक अतिरिक्त पद सृजित करना और हाई कोर्ट के तय नियमों के अनुसार जरूरी कर्मचारी व संबंधित सुविधाएं देना शामिल है। इसके लिए आवश्यक मंजूरी दो हफ्ते में दी जाए।"
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
यह भी पढ़ें- प्रदर्शनों के दौरान आवश्यक सेवाओं में बाधा को लेकर याचिका दाखिल, सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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