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स्थायी लोक अदालत की जानकारी से आम जनता अवगत

सरायकेला में एलडीएम कार्यालय में आयोजित कानूनी जागरूकता कार्यक्रम में सचिव तौसीफ मेराज ने स्थायी लोक अदालत के कार्य प्रणाली और उपयोगिता पर प्रकाश डाला, साथ ही साइबर कानून पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों और आम जनता ने भाग लिया तथा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर 2026 को होगी, यह घोषणा की गई।

31 अगस्त 2026 को 07:31 pm बजे
स्थायी लोक अदालत की जानकारी से आम जनता अवगत

सौजन्य से:- Hindustan

आम जनता को स्थायी लोक अदालत के लाभ और कार्य प्रणाली से कराया गया अवगत

सरायकेला में एलडीएम कार्यालय में स्थायी लोक अदालत के संचालन पर एक दिवसीय कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव तौसीफ मेराज ने की और साइबर कानून पर जानकारी दी। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितंबर, 2026 को आयोजित होने की घोषणा की गई।

सरायकेला। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रामाशंकर सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं सहयोग से एलडीएम कार्यालय में स्थायी लोक अदालत के संचालन, कार्य प्रणाली एवं उपयोगिता विषय पर एक दिवसीय कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव तौसीफ मेराज ने की। इस विधिक शिविर में विभिन्न बैंकों के अधिकारियों, प्रतिनिधियों, आम जनता और बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कार्यक्रम के उद्देश्य

कार्यक्रम को संबोधित करते सचिव तौसीफ मेराज ने सामान्य लोक अदालत एवं स्थायी लोक अदालत के बीच के अंतर, दोनों की कार्य प्रणाली और उनके महत्व को विस्तार से समझाया।

उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालतें विशेष रूप से बिजली, पानी, परिवहन जैसी लोक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवादों के समाधान के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद निवारण मंच है। मेराज ने घोषणा की कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर, 2026 को किया जाएगा और उन्होंने बैंकिंग संस्थानों से अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।

साइबर कानून पर चर्चा

मुख्य विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता दिलीप कुमार शॉ ने साइबर कानून एवं साइबर अपराध के बढ़ते खतरों पर जानकारी दी। उन्होंने न्यायालयों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए बताया कि साइबर अपराध के प्रभावी निराकरण के लिए बैंकिंग संस्थानों, विधिक सेवा प्राधिकरणों और न्यायिक संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

प्रतिभागियों की उपस्थिती

इस विधिक शिविर में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा प्रबंधक श्रद्धांजलि नंदा उपस्थित रहीं। उनके साथ बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक की सरायकेला शाखाओं के पदाधिकारी, प्रतिनिधि और भारी संख्या में पारा लीगल वॉलेंटियर्स उपस्थित रहे.

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