सचिन पायलट ने गाज़ियाबाद में खरगे के ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भाजपा पर दुरुपयोग का आरोप लगाया
गाज़ियाबाद में खरगे के कार्यक्रम को ‘शुद्धिकरण’ कहा गया, इसे लेकर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भाजपा पर सत्ता व पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया और सभी के लिये समान कानून लागू करने की माँग की। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली व्यक्तियों सहित कोई भी कानून‑तोड़ने वाला सज़ा‑योग्य है और इस घटना से दलित समुदाय को जो ठेस पहुँची, उसे समझना जरूरी है।

सौजन्य से:- Prabhat Khabar
गाजियाबाद में खरगे के ‘शुद्धिकरण’ पर भड़के सचिन पायलट, बोले- कानून तोड़ने वालों को संरक्षण क्यों?
गाजियाबाद में सचिन पायलट ने ‘शुद्धिकरण’ की घटना पर उठाए सवाल.
UP News: कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने गाजियाबाद में भाजपा पर सत्ता और पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए क्योंकि कानून की नजर में सभी समान हैं.
UP News: गाजियाबाद में कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भाजपा पर सत्ता और पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वाला व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. कानून की नजर में सभी बराबर हैं.
कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई की मांग
मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने घटना को लेकर उठाए सवाल कहा कि संविधान के खिलाफ काम करने वालों पर कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने जातिवाद को लेकर भी कानून का हवाला दिया और कहा कि यदि कोई व्यक्ति ऐसा काम करता है और उसे सार्वजनिक करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
FIR का मकसद क्या बताया
पायलट ने कहा कि FIR कराने का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं है. इससे समाज में यह संदेश जाता है कि देश में कानून सभी के लिए समान है. चाहे कोई किसी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, बड़ा उद्योगपति हो या कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति हो, कानून तोड़ने पर कार्रवाई होनी चाहिए.
खरगे के कार्यक्रम को लेकर भाजपा पर निशाना
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा. पायलट ने कहा कि खरगे वहां भाषण देने गए थे और उन्होंने कोई अपशब्द नहीं कहा. इसके बावजूद उनकी मौजूदगी भाजपा को स्वीकार नहीं थी. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां 'शुद्धिकरण' किया गया.
दलित समाज को लेकर उठाया सवाल
पायलट ने कहा कि इस घटना से आम दलित समाज का व्यक्ति क्या महसूस करता होगा, यह समझना जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से ऐसा संकेत दिया गया कि उसकी विचारधारा से जुड़े लोग कानून तोड़ सकते हैं और संविधान की धज्जियां उड़ा सकते हैं, फिर भी उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी. पायलट ने इसे गलत मानसिकता बताते हुए कहा कि कांग्रेस सिर्फ न्याय की मांग कर रही है.
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