खनिज कानून संशोधन: झामुमो ने केंद्र के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार के खिलाफ खनिज कानून में संशोधन का विरोध करने का फैसला किया है, जो राज्य के अधिकारों पर हमला माना जा रहा है। पार्टी ने कहा कि वे राज्य के हितों की रक्षा के लिए सड़क पर लड़ाई लड़ेंगे और राष्ट्रपति से मिलकर इस संशोधन को रद्द करने की मांग करेंगे।

सौजन्य से:- ETV Bharat
खनिज कानून में संशोधन के खिलाफ झामुमो, कहा- राज्य से एक ढेला का भी नहीं होने देंगे उठाव
रांची में झामुमो ने प्रेस वार्ता कर खनिज कानून में संशोधन के खिलाफ आंदोलन की घोषणा कर दी है.
Published : August 13, 2026 at 11:58 PM IST
रांची: लोकसभा में गुरुवार को ‘खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ पारित हो गयी. इसके बाद झारखंड की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने केंद्र सरकार के खिलाफ उलगुलान की घोषणा कर दी है.
मुख्यमंत्री आवास में पार्टी नेताओं के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बैठक के बाद केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने पार्टी के केंद्रीय कैम्प कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया. जिसमें पार्टी ने कहा कि खनिज कानून में संशोधन राज्य के अधिकारों पर सीधा हमला है. झामुमो झारखंड के साथ इस नाइंसाफी को बर्दाश्त नहीं करेगा.
पार्टी नेता विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में पास कराए गए ‘खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ से राज्य के अधिकारों और वित्तीय स्थिति कमजोर होगी. यह देश के संघीय ढांचे पर हमला है.
विनोद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा पारित किए गए खान और खनिज संशोधन विधेयक 2026 का झारखंड मुक्ति मोर्चा जोरदार विरोध करेगा. इस विधेयक के पास होने से राज्य का अधिकार छीन जाएगा इसलिए अपने हक के लिए झामुमो इस संशोधन के खिलाफ सड़क पर लड़ाई लड़ेंगा.
विनोद पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी अध्ययन के इस संशोधन को पेश किया और बहुमत के दम पर पास करा लिया. राज्य पर इस विधेयक से बड़ा असर वित्तीय नुकसान के रूप में पड़ेगा. इससे लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का नुकसान सीधे राज्य सरकार पर होगा.
उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई खनन और निवेश के खिलाफ नहीं है. हम संविधान से मिले अधिकार के लिए लड़ रहे है. झारखंड को 15 हजार करोड़ का नुकसान होगा. साथ ही झारखंड 1 लाख 36 हजार करोड़ बकाया है. जो बढ़कर अब 1 लाख 60 हजार करोड़ के करीब हो गया. अब इस विधेयक को पास होने के बाद इस पैसे पर भी ग्रहण लग जाएगा.
इस विधेयक को पास कर केंद्र सरकार ने झारखंड का हाथ-पैर काटने जैसा काम किया है. राज्य में कई योजनाओं पर इसका असर पड़ेगा. इसपर केंद्र सरकार जवाब दे कि आखिर इसकी भरपाई कैसे होगा. उन्होंने कहा कि अगर इसका रास्ता नहीं निकाला गया तो झारखंड से एक भी खनिज को वापस राज्य से बाहर नहीं जाने देंगे.
राज्य में एक बड़े आंदोलन की शुरुआत होगी. केंद्र सरकार के खिलाफ झारखंड से दिल्ली तक लड़ाई लड़ेंगे. झारखंड के अधिकार को छीनने नहीं देंगे. इसके लिए राष्ट्रपति से भी झामुमो मुलाकात कर इस संशोधन को रद्द करने की मांग की जाएगी. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार की योजनाओं को रोकने के लिए इस विधेयक को पेश किया गया है. लेकिन केंद्र सरकार को मजबूर कर देंगे की वह इस विधेयक को रद्द कर दें. उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा राज्य को आर्थिक रूप से कमजोर करने की है.
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