सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी: फर्जी वेबसाइट से बचें, निजी और वित्तीय जानकारी को खतरा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक फर्जी वेबसाइट के तौर पर पहचानने की खबर दी और चेतावनी दी कि लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी चोरी की जा सकती है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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'फर्जी वेबसाइट के झांसे में न आएं': सुप्रीम कोर्ट ने किया सावधान, कहा-चोरी हो सकती है निजी और वित्तीय जानकारी
Thu, 13 Aug 2026 10:04 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:04 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को लोगों को एक फर्जी वेबसाइट को लेकर सावधान किया है। यह वेबसाइट खुद को सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के रूप में पेश कर रही है। कोर्ट की रजिस्ट्री ने चेतावनी दी कि इसके जरिए लोगों की निजी और वित्तीय जानकारी चुराने की कोशिश की जा सकती है।
रजिस्ट्री ने sp-court-in.com को फर्जी वेबसाइट बताया है। लोगों से इस वेबसाइट पर कोई भी निजी या वित्तीय जानकारी साझा नहीं करने को कहा गया है। साइबर अपराधी इसके जरिए लोगों को झांसे में लेकर उनकी गोपनीय जानकारी हासिल कर सकते हैं।
फर्जी वेबसाइट से क्या खतरा है?
रजिस्ट्री के अनुसार, साइबर अपराधी इस वेबसाइट के जरिए लोगों से उनकी निजी जानकारी और गोपनीय खाते की जानकारी मांग सकते हैं। इसका इस्तेमाल आंकड़े चुराने के लिए किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने वादियों, वकीलों और अन्य संबंधित लोगों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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पांच बड़ी बातें, जिन्हें याद रखना जरूरी है
यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट: केंद्र सरकार एसिड अटैक पीड़ितों की रेल यात्रा के लिए पॉलिसी बनाने पर तैयार, SC ने छह सप्ताह का दिया समय
पहले भी जारी हो चुकी है चेतावनी?
यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी फर्जी वेबसाइटों को लेकर लोगों को चेताया है। रजिस्ट्री ने इससे पहले 16 जुलाई 2025 और 28 अप्रैल 2026 को भी ऐसी वेबसाइटों के बारे में चेतावनी जारी की थी। इन वेबसाइटों को सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखने वाली बनाया गया था।
अगर ठगी का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों को लगता है कि वे इस धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं, उन्हें तुरंत अपने सभी ऑनलाइन खातों के पासवर्ड बदलने चाहिए। साथ ही, अपने बैंक को किसी भी अनधिकृत पहुंच या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देनी चाहिए।
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रजिस्ट्री ने sp-court-in.com को फर्जी वेबसाइट बताया है। लोगों से इस वेबसाइट पर कोई भी निजी या वित्तीय जानकारी साझा नहीं करने को कहा गया है। साइबर अपराधी इसके जरिए लोगों को झांसे में लेकर उनकी गोपनीय जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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फर्जी वेबसाइट से क्या खतरा है?
रजिस्ट्री के अनुसार, साइबर अपराधी इस वेबसाइट के जरिए लोगों से उनकी निजी जानकारी और गोपनीय खाते की जानकारी मांग सकते हैं। इसका इस्तेमाल आंकड़े चुराने के लिए किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने वादियों, वकीलों और अन्य संबंधित लोगों को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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पांच बड़ी बातें, जिन्हें याद रखना जरूरी है
- sp-court-in.com फर्जी वेबसाइट है।
- सुप्रीम कोर्ट की एकमात्र पंजीकृत वेबसाइट sci.gov.in है।
- किसी भी संदिग्ध लिंक को खोलने से पहले उसका पता जांचें।
- वेबसाइट पर निजी या वित्तीय जानकारी साझा न करें।
- किसी भी संदेश या सूचना की सत्यता की खुद जांच करें।
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पहले भी जारी हो चुकी है चेतावनी?
यह पहली बार नहीं है जब सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी फर्जी वेबसाइटों को लेकर लोगों को चेताया है। रजिस्ट्री ने इससे पहले 16 जुलाई 2025 और 28 अप्रैल 2026 को भी ऐसी वेबसाइटों के बारे में चेतावनी जारी की थी। इन वेबसाइटों को सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखने वाली बनाया गया था।
अगर ठगी का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन लोगों को लगता है कि वे इस धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं, उन्हें तुरंत अपने सभी ऑनलाइन खातों के पासवर्ड बदलने चाहिए। साथ ही, अपने बैंक को किसी भी अनधिकृत पहुंच या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत देनी चाहिए।
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