राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार‑रथ का रवाना, जन जागरूकता के लिए यात्रा
मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह ने 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार हेतु रथ को हरी झंडी दिखाकर भेजा। यह वाहन पूरे सीवान जिले में जाकर लोक अदालत के उद्देश्य एवं उपलब्ध विभिन्न मामलों—जैसे बैंक ऋण, दूरसंचार, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक और राजस्व‑संबंधी विवाद—के बारे में लोगों को जागरूक करेगा, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके।

सौजन्य से:- Hindustan
लोक अदालत को लेकर जागरूकता रथ रवाना किया
सीवान में 12 सितम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार- प्रसार हेतु प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह ने प्रचार वाहन को रवाना किया। यह वाहन पूरे जिले में जाकर लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति जागरूक करेगा और अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित करेगा।
सीवान विधि संवाददाता। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली व राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश के आलोक में सिविल कोर्ट परिसर में आगामी 12 सितम्बर को सभी विषयों पर आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के ब्यापक प्रचार- प्रसार के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह ने प्रचार वाहन को गुरुवार हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
प्रचार वाहन का उद्देश्य
यह प्रचार वाहन पूरे जिले मे गांव- गांव घूम कर राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रति लोगों को जागरूक तथा राष्ट्रीय लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मामलों के निष्पादन कराने के लिए प्रचार- प्रसार करेगी। मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुनिल कुमार सिंह,प्रथम अपर जिला एव सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार त्रिपाठी व मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीव कुमार पाण्डेय समेत सभी न्यायिक पदाधिकारी एव सिविल कोर्ट के नाजिर जय किशोर शर्मा उपस्थित थे। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के स्टेनो जयप्रकाश प्रसाद, रंजीत कुमार दुबे,दीपक कुमार मिश्र, अतुल कुमार, सुनीति कुमारी बलवंत कुमार ,राजू कुमार ,मनीष कुमार ,राजेश कुमार ,प्रभात कुमार ठाकुर तथा अधिवक्ता ईश्वर चंद महाराज व ब्रजेश दूबे उपस्थित थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के वादों- जैसे बैंक ऋण , दूरसंचार संबंधी वाद, मोटर दुर्घटना दावा वाद, परिवारिक वाद, राजस्व संबंधी वाद एवं अन्य सुलहनीय अपराधिक मामलों का सुलह एवं समझौता के आधार पर ऑन स्पॉट निशुल्क निष्पादन किया किया जाएगा。
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