विवादित वीडियो पर रोक, गूगल ने दिल्ली उच्च न्यायालय को भेजा कदम
दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के विवादित वीडियो को हटाने के लिए गूगल से कहा था। गूगल ने वीडियो को भारत में बंद कर दिया है, लेकिन याचिकाकर्ता ने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर बंद नहीं होगा।

सौजन्य से:- हिंदुस्तान
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत को गूगल ने बताया- ध्रुव राठी के 'राम-कृष्ण' वाले वीडियो पर लगा दी रोक
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में मंगलवार को उस मामले की सुनवाई हुई जिसमें ध्रुव राठी के विवादित वीडियो को हटाने को लेकर फैसला लेने को कहा गया था। गूगल ने कहा कि भारत में इस पर रोक लगा दी गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट को मंगलवार को बताया गया कि यूट्यूबर ध्रुव राठी के इस वीडियो पर भारत में रोक लगा दी गई है जिस में उन्होंने कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं राम, सीता और कृष्ण पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। गूगल की ओर से पेश हुए वकील ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत को बताया कि सरकार की 'शिकायत अपीलीय समिति (जीएसी)' की ओर से आदेश पारित किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।
जीएसी एक सरकारी समिति है जिससे उपयोगकर्ता सोशल मीडिया को उनके प्लेटफॉर्म पर मौजूद कॉटेंट या अकाउंट्स को लेकर शिकायत कर सकते हैं। जीएसी का आदेश जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की ओर से दी गई 15 दिन की मोहलत के बीच आया है। जस्टिस शर्मा ने वकील अमिता सचदेवा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते 15 दिन के भीतर फैसला लेने को कहा गया था।
अब भी देखा जा सकता है वीडियो: याचिकाकर्ता
सचदेवा ने मंगलवार को अदालत को बताया कि यह वीडियो अब भी भारत के बाहर देखा जा सकता है और देश में भी वीपीएन का इस्तेमाल करके देखा जा सकता है। इसके बाद जस्टिस शर्मा ने वीडियो को पूरी दुनिया में हटाने के लिए निर्देश प्राप्त करने को कहा। हालांकि, गूगल के वकील ने कहा कि कॉटेंट को वैश्विक स्तर हटाने का मुद्दा हाई कोर्ट की डबल बेंच के सामने लंबित है। सचदेवा ने अदालत को यह भी बताया कि कुछ अन्य यूट्यूबर्स ने भी राठी का वीडियो अपलोड किया था। उन्होंने उन वीडियोज को भी हटवाने के लिए गूगल से कहने की इजाजत मांगी। गूगल ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इसके लिए अलग से याचिका दायर करनी चाहिए।
सरकार की ओर से क्या कहा गया
सरकार की ओर से पेश हुए अडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि एक बार जब वीडियो पर आपत्ति जाहिर की जाए तो उस पर आया आदेश सब जगह लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पर कुछ संकेत आदेश में जरूर आना चाहिए नहीं तो यह अंतहीन प्रक्रिया हो जाएगी। अदालत में इस मामले की सुनवाई अब सितंबर में होगी।
क्या लगाया गया है आरोप
सचदेवा ने याचिका में कहा था कि राठी ने 21 मार्च को एक अत्यंत अपमानजनक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील वीडियो अपलोड किया था, जिसे यूट्यूब पर लाखों बार देखा जा चुका है और वीडियो में 'भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और सीता देवी का अपमान करने वाले झूठे, भ्रामक और भड़काऊ बयान' शामिल हैं। याचिका में बताया गया कि दिल्ली पुलिस के साइबर सेल में शिकायत भेजने के अलावा, सचदेवा ने यूट्यूब से भी शिकायत की थी और वीडियो को तत्काल हटाने का अनुरोध किया गया था।
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सुधीर झासुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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