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मौलाना खालिद रशीद का पलटवार: ‘देश संविधान के मुताबिक ही चलेगा’

मौलाना साजिद रशीदी के इस्लामिक कानून लागू करने के दावे पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि भारत का संचालन संविधान के अनुसार है और पर्सनल लॉ भी उसी के दायरे में रहना चाहिए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि मौजूदा कानून अपराध रोकने के लिए पर्याप्त हैं और धार्मिक एवं व्यक्तिगत कानूनों को संविधान के भीतर ही लागू किया जाना चाहिए।

29 अगस्त 2026 को 02:32 pm बजे
मौलाना खालिद रशीद का पलटवार: ‘देश संविधान के मुताबिक ही चलेगा’

सौजन्य से:- Navbharat Times

भारत में इस्लामिक कानून लागू करने की मांग को लेकर दिए गए मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने प्रतिक्रिया दी है।

हाइलाइट्स

मौलाना साजिद रशीदी के इस्लामिक कानून लागू करने वाले बयान पर खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा- देश संविधान के मुताबिक ही चलेगा।

खालिद रशीद ने कहा कि पर्सनल लॉ भी संविधान के दायरे में है और अपराध रोकने के लिए देश में पर्याप्त कानून पहले से मौजूद हैं।

लखनऊ: भारत में इस्लामिक कानून लागू किए जाने की मांग को लेकर दिए गए बयान पर अब इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने प्रतिक्रिया दी है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर असहमति जताते हुए खालिद रशीद ने कहा कि देश संविधान के मुताबिक ही चलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और पर्सनल लॉ का पालन संविधान के दायरे में ही किया जा सकता है।

'ऐसे बयानों की देश में कोई जगह नहीं'

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने शनिवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भारत का संचालन संविधान के अनुसार होता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म और पर्सनल लॉ से जुड़ी मान्यताओं का पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह सब संविधान के दायरे में होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी स्पष्ट कर चुका है कि पर्सनल लॉ की अपनी सीमाएं हैं और वे संवैधानिक दायरे से बाहर नहीं हो सकते। इसी आधार पर उन्होंने इस तरह के बयानों को अनुचित बताया।

'अपराध रोकने के लिए मौजूदा कानून पर्याप्त'

रेप और अन्य अपराधों को लेकर भी मौलाना खालिद रशीद ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में अपराध रोकने के लिए पर्याप्त कानून पहले से मौजूद हैं। उनके मुताबिक जरूरत इस बात की है कि धार्मिक नेता समाज में मौजूद बुराइयों को दूर करने की दिशा में काम करें।

उन्होंने शिक्षा और सामाजिक संस्कारों पर जोर देते हुए कहा कि लोगों की सही तालीम और तरबियत जरूरी है। उनके अनुसार, जब तक समाज में इस दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं होंगे, तब तक अपराध की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना चुनौती बना रहेगा।

क्या कहा था मौलाना साजिद रशीदी ने?

इससे पहले शुक्रवार को ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भारत में इस्लामिक कानून लागू करने की मांग को लेकर बयान दिया था।

उन्होंने दावा किया था कि जब तक देश में इस्लामिक कानून लागू नहीं होता, तब तक रेप, अपराध और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं को खत्म करना मुश्किल है। उन्होंने कुछ इस्लामिक देशों का उदाहरण देते हुए वहां अपराध और भ्रष्टाचार कम होने का दावा भी किया था।

साजिद रशीदी ने यह भी कहा था कि भारत में इस तरह के कानून लागू नहीं किए जाते क्योंकि लोगों को आशंका है कि इससे शरिया कानून लागू हो जाएगा।

बयान के बाद सामने आया मतभेद

साजिद रशीदी के बयान के बाद मौलाना खालिद रशीद की प्रतिक्रिया से धार्मिक कानून और संविधान के दायरे को लेकर अलग-अलग राय सामने आई है। खालिद रशीद ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्वतंत्रता और पर्सनल लॉ का अधिकार संविधान के दायरे में ही है।

लेखक के बारे मेंदेवेश पांडेयदेवेश पांडेय नवभारतटाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत हैं। वे एनबीटी की उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजिटल टीम के सदस्य हैं। देवेश के पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता का 9 साल का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मई 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन ज्वॉइन किया था। इससे पहले वे इंडिया न्यूज, भारत समाचार, न्यूज वन इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों सहित कई डिजिटल चैनल में विभिन्न भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

देवेश की प्राथमिकता उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीतिक, क्राइम और प्रशासनिक खबरों का सटीक और विश्वसनीय विश्लेषण पाठकों तक पहुंचाना है। उन्हें यूपी-उत्तराखंड के तमाम शहरों के ऐतिहासिक महत्व, अपराध की साइड स्टोरी और जनहित से जुड़ी शासन-प्रशासन की खबरें लिखने में रुचि है।

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देवेश पांडेय ने लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। देवेश डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट मीडिया में 9 साल काम करने का अनुभव रखते हैं। उन्होंने ने 2016 के आखिर में यूपीटीवी लिमिटेड (भारत समाचार) के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां यूपी-उत्तराखंड में हुए 2017 विधानसभा चुनाव को डेस्क से महत्वपूर्ण खबरों और राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ कवर किया। इसके बाद न्यूज वन इंडिया में असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए 2019 में हुए लोकसभा चुनाव को कवर किया। इसके बाद 2022 में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनावों को इंडिया न्यूज सहित डिजिट चैनल्स में रहते हुए कवर किया।... और पढ़ें

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