इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फरार ठेकेदार गोविंद शर्मा को गिरफ्तारी पर रोक; सरकार को चार हफ्ते में जवाब देने का नोटिस
हाईकोर्ट ने गोविंद शर्मा के खिलाफ फजलगंज और स्वरुप नगर थानों में दर्ज FIRs के आधार पर उसकी गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाई। अदालत ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर राज्य सरकार से चार सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट पेश करने को कहा, जबकि याचिकाकर्ता को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया। अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद तय होगी।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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कानपुर के फरार ठेकेदार गोविंद शर्मा को हाईकोर्ट से राहत:गिरफ्तारी पर लगी रोक, चार हफ्ते में सरकार से मांगा जवाब
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कानपुर नगर निगम के ठेकेदार गोविंद शर्मा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ फजलगंज और स्वरुप नगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर होने वाली गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है।
कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया है और राज्य सरकार की ओर से चार सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने को कहा है।
गोविंद शर्मा ने हाईकोर्ट में दाखिल की थी याचिका
कानपुर से फरार चल रहे ठेकेदार गोविंद शर्मा ने अपने बचाव के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने की।
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनय सरन ने दलील दी कि एफआईआर व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता से जुड़े विवाद का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि गोविंद शर्मा नगर निगम के रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं और उन्हें व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा से हटाने के उद्देश्य से दुर्भावना के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के सलीब उर्फ शालू उर्फ सलीम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के फैसले का भी हवाला दिया। हाईकोर्ट ने आदेश में दर्ज किया कि अगर किसी एफआईआर को दुर्भावनापूर्ण, झूठा या निजी बदले की भावना से दर्ज कराने का आरोप हो तो अदालत को एफआईआर के साथ-साथ मामले की परिस्थितियों और जांच में सामने आए तथ्यों को भी सावधानी से देखना चाहिए।
25 अगस्त को दर्ज हुई थी FIR
गोविंद शर्मा के खिलाफ 25 अगस्त 2026 को फजलगंज थाने में केस दर्ज किया गया था। एफआईआर में बीएनएस की धाराओं 308(5), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज है। वहीं स्वरूप नगर थाने में दर्ज केस में भी गोविंद शर्मा की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी। एफआईआर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत दर्ज की गई है।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई तक या पुलिस की ओर से धारा 173 सीआरपीसी/193 बीएनएस के तहत रिपोर्ट दाखिल होने तक, इनमें से जो पहले हो गोविंद शर्मा की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।
हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद उपयुक्त पीठ के समक्ष होगी।
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