मुंबई HC का अगला मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस त्रिपाठी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को मुंबई उच्च न्यायालय का अगला मुख्य न्यायाधीश चुनने की सिफारिश की है। यह सिफारिश 6 अगस्त को हुई थी और अब केंद्र सरकार की स्वीकृति और राष्ट्रपति की नियुक्ति अधिसूचना जारी होने के बाद उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगेगी।

सौजन्य से:- जागरण
बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को मुंबई उच्च न्यायालय का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने क ...और पढ़ें
मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस त्रिपाठी के नाम की सिफारिश की।
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं महेश चंद्र त्रिपाठी।
- मुंबई उच्च न्यायालय के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे जस्टिस त्रिपाठी।
राज्य ब्यूरो, मुंबई, 10 अगस्तः इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को मुंबई उच्च न्यायालय का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अगस्त 2026 को हुई अपनी बैठक में उनके नाम की सिफारिश की है।
अब केंद्र सरकार की स्वीकृति और राष्ट्रपति की नियुक्ति अधिसूचना जारी होने के बाद उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगेगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय से की पढ़ाई
जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से वर्ष 1990 में एलएल.बी. की डिग्री प्राप्त की। विधि शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया और इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकालत शुरू की।
वकालत के दौरान उन्होंने सिविल, संवैधानिक, सेवा तथा श्रम कानून से जुड़े मामलों में विशेष पहचान बनाई। कानूनी क्षेत्र में उनकी दक्षता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपीं। अक्टूबर 2007 से वे उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता (एडिशनल चीफ स्टैंडिंग काउंसिल) रहे।
इसके अलावा उन्होंने कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर नगर निगम, उत्तर प्रदेश फूड एंड एसेंशियल कमोडिटीज कॉरपोरेशन, आगरा विकास प्राधिकरण, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और कुमाऊं विश्वविद्यालय सहित कई प्रमुख संस्थाओं का न्यायालय में पक्ष रखा।
2013 में बने इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त
न्यायिक सेवा में उनका प्रवेश 27 सितंबर 2013 को हुआ, जब उन्हें इलाहाबाद हाई कोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। इसके बाद 10 अप्रैल 2015 को वे स्थायी न्यायाधीश बने। इस प्रकार उच्च न्यायालय में उन्हें लगभग 13 वर्षों का न्यायिक अनुभव प्राप्त है।
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न्यायिक कार्यकाल के दौरान उनकी पहचान सिविल, संवैधानिक, सेवा और श्रम कानून के मामलों में गहरी समझ रखने वाले न्यायाधीश के रूप में बनी है। बार से सीधे उच्च न्यायालय की पीठ तक पहुंचने वाले जस्टिस त्रिपाठी का लंबा विधिक और न्यायिक अनुभव उनके पक्ष में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यही कारण है कि कॉलेजियम ने देश के प्रमुख उच्च न्यायालयों में से एक मुंबई उच्चन्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए उनके नाम को उपयुक्त समझा। इलाहाबाद उच्चन्यायालय की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी 20 जून 2028 को सेवानिवृत्त होंगे।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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