अदालत की महिला पेशकार अर्चना सिंह की संदिग्ध मौत
बलरामपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्यरत पेशकार अर्चना सिंह किराए के कमरे में मृत मिलीं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है, जिससे मौत के कारणों का पता लगाया जा सकेगा। मामले की जांच जारी है।

सौजन्य से:- Hindustan
अदालत की पेशकार अर्चना सिंह किराए के कमरे में मृत मिलीं
बलरामपुर के धुसाह गांव में फास्ट ट्रैक कोर्ट की पेशकार अर्चना सिंह सोमवार को कमरे में मृत पाई गईं। सुबह दरवाजा न खुलने पर मकान मालिक ने न्यायालय को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण स्पष्ट होंगे।
बलरामपुर, संवाददाता। फास्ट ट्रैक कोर्ट सीएडब्ल्यू में पेशकार के पद पर कार्यरत अर्चना सिंह सोमवार को धुसाह गांव स्थित किराए के कमरे में मृत मिलीं। सुबह काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर दूध देने पहुंचा व्यक्ति लौट गया। इसकी जानकारी मकान मालिक अधिवक्ता ओंकार नाथ पांडेय को हुई तो उन्होंने न्यायालय परिसर पहुंचकर कर्मचारियों और अधिवक्ताओं को सूचना दी। न्यायालय कर्मचारियों ने अर्चना के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे और यूपी-112 को सूचना दी। पुलिस की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा खुलवाया गया। अंदर अर्चना अचेत अवस्था में पाई गई।
पुलिस और अधिवक्ताओं ने उन्हें संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। युवा बार संघ के पूर्व अध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने बताया कि अर्चना सिविल जज जूनियर डिवीजन एफटीसी/सीएडब्ल्यू न्यायालय में पेशकार थीं। वह अधिवक्ता ओंकार नाथ पांडेय के मकान में किराए पर रहती थीं। घटना की जानकारी स्वजन को दी गई। उनकी मां और बहन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली देहात गिरजेश त्रिपाठी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
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