मध्य प्रदेश के अदालतों में तनाव कम करेगा उल्लास कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ वित्तीय शिक्षा और चाइल्ड कॉम्पिटिशन
उल्लास कार्यक्रम मध्य प्रदेश के अदालतों में स्ट्रेस बस्टर के रूप में कार्य करेगा. इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, योग शिविर, मिनी मैराथन, स्वास्थ्य शिविर, चाइल्ड कॉम्पिटिशन और वित्तीय शिक्षा जैसे विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस कार्यक्रम को पूरे मध्य प्रदेश के अदालतों में लागू करने का निर्णय लिया है ताकि अदालतों में काम करने वाले न्यायाधीश, वकील, कर्मियों और उनके परिवार वालों को तनाव कम हो सके और स्वस्थ रहने के लिए मौका मिले.

सौजन्य से:- ETV Bharat
मध्य प्रदेश की अदालतों में स्ट्रेस बस्टर बनेगा उल्लास, जज से लेकर प्यून तक एक साथ लेंगे हिस्सा
उल्लास कार्यक्रम कोर्ट परिवार के रोजमर्रा के तनाव को कम करेगा, ग्वालियर में हुई थी शुरुआत, अब प्रदेश की सभी अदालतों में लागू होगा. पीयूष श्रीवास्तव की रिपोर्ट.
By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 10, 2026 at 3:35 PM IST
ग्वालियर: ग्वालियर से शुरू हुई एक पहल अब पूरे मध्य प्रदेश में वकीलों और जजों का तनाव कम करेगी. प्रदेश की अदालतों में केस की सुनवाइयों के साथ साथ समय समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, योग शिविर और मिनी मैराथन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे जिनमें जज, वकील और कोर्ट कर्मचारी और उनके परिवार साथ में हिस्सा लेंगे.
ग्वालियर से हुई थी शुरुआत
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में 2024 में एक आयोजन हुआ था, जिसे नाम दिया गया था 'उल्लास, एक अभिनव प्रयोग' ये पहल एक प्रयोग के रूप में शुरू हुई थी जिसे तत्कालीन प्रशासनिक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आनंद पाठक ने आयोजित कराया था. उद्देश्य था कि, कोर्ट की भागदौड़, तनाव से राहत और आपसी सामंजस्य का बेहतर वातावरण बनाना जिसमें वकील और जजों के साथ छोटे बच्चों और परिवार के लोगों ने हिस्सा लिया था. इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम क्विज जैसे कई कार्यक्रम आयोजित हुए थे.
ग्वालियर के बाद हाईकोर्ट की मुख्य पीठ में भी हो चुका आयोजन
2025 में एक बार फिर उल्लास का आयोजन ग्वालियर हाईकोर्ट में आयोजित किया गया. दो आयोजन के बाद ग्वालियर में इस मॉडल के सकारात्मक परिणाम दिखे तो मई 2026 में जबलपुर हाईकोर्ट मुख्य पीठ में भी इसका आयोजन कराया गया. इस कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए अब हाईकोर्ट की मुख्य पीठ ने इसे मध्य प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों और अधीनस्थ अदालतों में भी लागू करने का निर्णय लिया है.
AFPEW का फ्रेमवर्क तैयार, जल्द होगा लागू
उल्लास एक अभिभाव पहल को लेकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया ने इसके क्रियान्वयन के दिशा निर्देश जारी किए हैं. इसके लिए एडवाइजरी फ्रेमवर्क फॉर प्रमोटिंग एम्प्लोयी वेलबीइंग( AFPEW) तैयार किया गया है. जिसे ग्वालियर खंडपीठ के कार्यक्रम से प्रेरित हो कर तैयार किया गया है. जो अब प्रदेश के सभी अदालतों में लागू किया जाएगा.
थीम बेस्ड आयोजन भी होंगे
'उल्लास' के तहत न्यायालयों में साल में तीन खास दिवसों पर थीम बेस्ड कार्यक्रम होंगे, 26 जनवरी फिटनेस और जागरूकता थीम पर मनाया जाएगा जिसमें मिनी मैराथन, संविधान क्विज, हेल्थ कैम्प और पुलिस या बीएसएफ बैंड की प्रस्तुतियां होंगी. 15 अगस्त को सेहत एवं हुनर थीम रहेगी जिसके अंतर्गत, योग और ध्यान शिविर का आयोजन होगा. साथ ही, इंदौर में स्पोर्ट्स होंगे, पेंटिंग एंड हैंडीक्राफ्ट्स और अन्य क्रेटिव एक्टिविटीज आयोजित होंगी. इसके अलावा गांधी जयंती 2 अक्टूबर संस्कृति एवं स्वच्छता थीम को समर्पित होगा जिसमे सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा. रंगोली कम्पटीशन, फोक डांस और नाटक भी आयोजित होंगे इसके साथ ही फ़ूड विथआउ फायर जैसे आयोजन होंगे.
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सालभर और भी गतिविधियां होंगी आयोजित
इसके अलावा समय समय पर स्वास्थ्य शिविर, ध्यान और योग शिविर, पर्सनालिटी डेवलपमेंट एंड इंस्पिरेशनल सेशन, वित्तीय साक्षरता और सुरक्षित निवेश पर सेशन, साइबर फ्रॉड से बचाव की ट्रेनिंग, चिल्ड्रेन कंपीटिशन जैसे कार्यक्रम भी सालभर समय समय पर आयोजित होंगे.
उल्लास का मिलेगा फायदा, बेहतर होगी ऊर्जा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के एडिशनल जनरल राजेश शुक्ला के मुताबिक, "ये कार्यक्रम उल्लास एक अभिनव पहल, कोर्ट परिवार के लिए आयोजित किया जा रहा है इससे न्यायिक परिवार रोजमर्रा के तनाव को कम कर सकेगा, शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेगा तो संवेदनशील और बेहतर संवाद के साथ काम करेगा और इसका फ़ायदा कोर्ट में आने वाले पक्षकारों के साथ ही समाज को भी होगा."
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