बिहार के लिए नया क्या? दिल्ली से निकलकर कर्नाटक हाईकोर्ट से लौटे न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव दो दिन में पटना हाईकोर्ट की कमान संभालेंगे
जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने सिफारिश की, जिन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने रहने के बाद पटना हाईकोर्ट में भेजा जाएगा।

सौजन्य से:- जागरण
कौन हैं वी. कामेश्वर राव, जिन्हें मिलेगी पटना हाईकोर्ट की कमान? दिल्ली से कर्नाटक के बाद अब बिहार की बारी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। ...और पढ़ें
मुख्य बातें
- जस्टिस वी. कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश होंगे।
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके नाम की सिफारिश की है।
- उन्हें सेवा और श्रम कानून का विशेषज्ञ माना जाता है।
डिजिटल डेस्क, पटना। पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिलने वाला है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है।
छह अगस्त 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई कॉलेजियम की बैठक में उनके नाम पर फैसला लिया गया। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद वे पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।
1991 में शुरू की वकालत, 2013 में बने जज
जस्टिस वी. कामेश्वर राव का जन्म सात अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने 1987 में दिल्ली विश्वविद्यालय से भूगोल में बीए ऑनर्स किया।
इसके बाद 1990 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी की और मार्च 1991 में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में वकालत शुरू की।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में प्रैक्टिस की। मद्रास हाईकोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट की पोर्ट ब्लेयर सर्किट बेंच में भी पैरवी की।
दिल्ली हाईकोर्ट में अतिरिक्त जज से शुरू हुआ सफर
जनवरी 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया। इसके बाद 17 अप्रैल 2013 को वे दिल्ली हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए।
करीब दो साल बाद 18 मार्च 2015 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। दिल्ली हाईकोर्ट में लंबे समय तक न्यायिक जिम्मेदारी संभालने के बाद एक जून 2024 को उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट कर दिया गया।
कर्नाटक हाईकोर्ट में भी संभाली बड़ी जिम्मेदारी
कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचने के बाद जस्टिस राव ने महत्वपूर्ण न्यायिक जिम्मेदारियां निभाईं। 30 मई 2025 को उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।
इसके बाद 21 जुलाई 2025 को वे वापस दिल्ली हाईकोर्ट लौट आए। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है।
सेवा और श्रम कानून के माने जाते हैं विशेषज्ञ
जस्टिस वी. कामेश्वर राव को सेवा और श्रम कानून का विशेषज्ञ माना जाता है। इसके अलावा मध्यस्थता, संवैधानिक और प्रशासनिक कानून से जुड़े मामलों में भी उनका लंबा अनुभव है।
वकालत के दौरान उन्होंने कई सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों और स्वायत्त संस्थाओं का अदालत में प्रतिनिधित्व किया। उनके न्यायिक अनुभव का दायरा भी काफी व्यापक रहा है।
कब संभालेंगे पटना हाईकोर्ट की कमान?
केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद जस्टिस वी. कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे।
प्रस्तावित तौर पर उनका कार्यकाल करीब एक वर्ष का होगा। इससे पहले पांच जून 2026 को जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।
11 जुलाई 2026 को उनके सेवानिवृत्त होने के बाद जस्टिस सुधीर सिंह कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
पटना हाईकोर्ट के लिए क्यों अहम है नियुक्ति?
जस्टिस राव के पास करीब तीन दशक से अधिक समय का वकालत और न्यायिक अनुभव है। दिल्ली हाईकोर्ट में लंबे कार्यकाल के साथ वे कर्नाटक हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
ऐसे में प्रशासनिक और न्यायिक दोनों स्तरों का उनका अनुभव पटना हाईकोर्ट की नई जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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