तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी को मिली बड़ी राहत, आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की मंजूरी
कलकत्ता हाई कोर्ट ने पहले उनकी विदेश जाने की मांग खारिज कर दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील पर सुनवाई की और उन्हें तीन हफ्ते के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी।

सौजन्य से:- Navbharat Times
सुप्रीम कोर्ट ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए तीन हफ्ते विदेश जाने की अनुमति दे दी है। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर SSKM अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से जांच कराने को कहा था। अभिषेक ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
नई दिल्ली: TMC के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की मंजूरी मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन्हें तीन हफ्ते के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने उन्हें विदेश जाकर इलाज कराने की इजाजत देने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले को अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत मिली है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने उन्हें तीन हफ्ते के लिए विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने की अनुमति दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनका विदेश दौरा सितंबर में होना है।
हाई कोर्ट ने क्यों रोका था विदेश जाना?
कलकत्ता हाई कोर्ट ने 5 अगस्त को अभिषेक बनर्जी की विदेश जाने की मांग खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि वह पहले कोलकाता के सरकारी SSKM अस्पताल में बनाए जाने वाले मेडिकल बोर्ड के सामने जांच कराएं। इससे यह पता चल सकता था कि उनकी आंखों की बीमारी का इलाज कोलकाता में संभव है या विदेश जाना जरूरी है।
मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं हुए
हाई कोर्ट ने कहा था कि अगर अभिषेक मेडिकल बोर्ड के सामने पेश होते और डॉक्टर विदेश में इलाज की जरूरत बताते, तो उनकी विदेश यात्रा की मांग पर विचार किया जा सकता था। लेकिन उनके वकील ने बताया था कि वह मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं होंगे। इसके बाद हाई कोर्ट ने उनकी अर्जी पर आगे सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने दिया था निर्देश
इससे पहले 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट को अभिषेक बनर्जी की विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने की अर्जी पर एक हफ्ते के भीतर विचार करने को कहा था। इसके बाद हाई कोर्ट के फैसले को अभिषेक ने फिर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
जांच मामले में मिली हुई है अंतरिम राहत
अभिषेक बनर्जी को एक दूसरे मामले में 6 अक्टूबर तक अंतरिम राहत भी मिली हुई है। यह मामला 27 अप्रैल को एक जनसभा में विपक्षी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने को कहा है और बिना कोर्ट की अनुमति विदेश जाने पर रोक लगाई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है।
लेखक के बारे मेंटीना"टीना नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में अपनी पहचान बनाने की प्रक्रिया में हैं। फिलहाल वह नेशनल, क्राइम, जंगल न्यूज, गुड न्यूज और लोकल खबरों पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं।
इसके अलावा, एनबीटी की सोशल मीडिया टीम के साथ मिलकर वह लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यूज़र्स तक प्रभावशाली और भरोसेमंद कंटेंट पहुंचाने का काम कर रही हैं।
टीना ने अपने करियर की शुरुआत ‘फेमिनिज्म इन इंडिया’ से की, जहां उन्होंने समावेशी सोच, जेंडर संवेदनशीलता और सामाजिक मुद्दों को गहराई से समझा। और वहीं, समावेशी दुनिया की परिकल्पना से वाकिफ हुईं।
टीना का सकारात्मक पत्रकारिता और समावेशी लेखन की ओर बेहद झुकाव है। साथ ही, वह सीखने की प्रक्रिया में विश्वास रखती हैं।
टीना ने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज फॉर विमेन से स्नातक और डीयू से ही पत्रकारिता में डिप्लोमा भी प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने, गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से पत्रकारिता में परास्नातक की डिग्री हासिल की और डिजिटल मीडिया में कदम रखा।"... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Indiaकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मणिपुर हिंसा मामलों के लिए सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, दो विशेष अदालतें गठित करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट सख्त, ड्रग तस्करी के मामलों में जल्दी से कार्रवाई की मांग

अदालत की महिला पेशकार अर्चना सिंह की संदिग्ध मौत

तमिलनाडु की तरस रही पानी, सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक से जल छोड़ने की मांग

बलिया में जनजातीय अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाई, सचिव ने कहा - कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक रहना चाहिए

बिहार के लिए नया क्या? दिल्ली से निकलकर कर्नाटक हाईकोर्ट से लौटे न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव दो दिन में पटना हाईकोर्ट की कमान संभालेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने टीवी टुडे की याचिका खारिज की, दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश बरकरार

मध्य प्रदेश के अदालतों में तनाव कम करेगा उल्लास कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ वित्तीय शिक्षा और चाइल्ड कॉम्पिटिशन
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास मामले की जांच करने के लिए पैनल को निर्देश दिया
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय: अनंतिम नामांकन के 2 साल बाद भी एआईबीई पास न करने वाले वकील प्रैक्टिस नहीं कर सकते
- सुप्रीम कोर्ट 13 अगस्त को सुनवाई करेगा तमिलनाडु की कावेरी बाउंड्री विवाद की याचिका
- सुपौल में विधिक जागरूकता : ग्रामीणों को मिला कानून का सहारा
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं को तेजी से नामांकन संख्या जारी करने का निर्देश दिया
- कावेरी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की याचिका पर सुनवाई की तारीख तय की
- कावेरी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की याचिका पर सुनवाई की सहमति दी
- 7 उच्च न्यायालयों में नहीं है रेगुलर चीफ जस्टिस, पता लगाएं

