तमिलनाडु की तरस रही पानी, सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक से जल छोड़ने की मांग
तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक को 15 दिनों के लिए प्रति दिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की है। राज्य ने 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जब कर्नाटक के जल प्रबंधन प्राधिकरण ने 30 जुलाई को 3,500 क्यूसेक प्रति दिन पानी छोड़ने का निर्देश दिया था।

सौजन्य से:- लाइव लॉ
कावेरी जल छोड़े जाने पर तमिलनाडु की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को सुनवाई करेगा
लाइवलॉ न्यूज़ नेटवर्क
10 अगस्त 2026 10:45 पूर्वाह्न भारतीय समय
सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को तमिलनाडु सरकार द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई करेगा, जिसमें कर्नाटक को काबिनी और कृष्णा राजा सागर जलाशयों से 15 दिनों के लिए प्रति दिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने के कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के फैसले को लागू करने का निर्देश देने की मांग की गई है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत तमिलनाडु राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन के तत्काल उल्लेख के बाद मामले को गुरुवार को सूचीबद्ध करने पर सहमत हुए।
तमिलनाडु सरकार ने 3 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और सीडब्ल्यूएमए के 30 जुलाई के फैसले को लागू करने की मांग की, जिसमें 15 दिनों के लिए 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था।
तमिलनाडु ने 12 अगस्त को या उससे पहले 15 दिनों के लिए 3,500 क्यूसेक प्रति दिन की दर से गणना करके 4.536 टीएमसी पानी छोड़ने की मांग की है।
कावेरी जल बंटवारे पर जारी विवाद के बीच राज्य ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सीडब्ल्यूएमए के निर्णय के अनुसार कर्नाटक को तमिलनाडु की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए काबिनी और कृष्णा राजा सागर जलाशयों से पानी छोड़ना पड़ा।
राज्य में विपक्षी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने भी इसी तरह का आवेदन दायर किया है।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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