बलिया में जनजातीय अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाई, सचिव ने कहा - कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक रहना चाहिए
बलिया के बांसडीह तहसील सभागार में जनजातीय समुदाय के अधिकारों और राष्ट्रीय लोक अदालत पर विधिक जागरूकता शिविर आयाजा गया। शिविर के दौरान जनजातीय समुदाय के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Ballia
- Ballia Legal Awareness Camp | Tribal Rights & Lok Adalat Updates
बलिया में जनजातीय अधिकारों को बताया:सचिव बोले- कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक रहना चाहिए
- कॉपी लिंक
बलिया के बांसडीह तहसील सभागार में सोमवार को जनजातीय समुदाय के अधिकारों और राष्ट्रीय लोक अदालत पर एक विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। यह शिविर उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार और जिला न्यायाधीश अनिल कुमार झा के आदेशानुसार लगा। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया के पूर्णकालिक सचिव चंद्र प्रकाश तिवारी ने की।
सचिव चंद्र प्रकाश तिवारी ने शिविर में उपस्थित जनजातीय समुदाय के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संविधान और विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें अधिकार प्राप्त हैं, जिनके प्रति उन्हें जागरूक रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के शोषण, भेदभाव या अधिकारों के हनन की स्थिति में निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करना उनका अधिकार है।
कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे शासन द्वारा जनजातीय समुदाय के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए संपर्क करें।
इस दौरान 12 सितंबर 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर सरल, त्वरित और प्रभावी ढंग से निस्तारण कराया जा सकता है। लोक अदालत विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
बांसडीह के तहसीलदार नितिन कुमार सिंह ने आमजन से राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने और अपने लंबित या संभावित विवादों के निस्तारण के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता और सलाह उपलब्ध कराने की भी जानकारी दी।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार रजनीश कुमार सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, पूर्व अध्यक्ष महेश प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, अधिवक्ता गोपाल जी मिश्र, अरविंद कुमार पाण्डेय, पैरा लीगल वालंटियर्स विजय सिंह, प्रवीण चौबे, सत्येंद्र पाठक, मुनिशंकर, मुरली मनोहर, वादकारीगण और जनजातीय समुदाय के लोग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट सख्त, ड्रग तस्करी के मामलों में जल्दी से कार्रवाई की मांग

अदालत की महिला पेशकार अर्चना सिंह की संदिग्ध मौत

तमिलनाडु की तरस रही पानी, सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक से जल छोड़ने की मांग

बिहार के लिए नया क्या? दिल्ली से निकलकर कर्नाटक हाईकोर्ट से लौटे न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव दो दिन में पटना हाईकोर्ट की कमान संभालेंगे

सुप्रीम कोर्ट ने टीवी टुडे की याचिका खारिज की, दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश बरकरार

मध्य प्रदेश के अदालतों में तनाव कम करेगा उल्लास कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ वित्तीय शिक्षा और चाइल्ड कॉम्पिटिशन

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास मामले की जांच करने के लिए पैनल को निर्देश दिया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय: अनंतिम नामांकन के 2 साल बाद भी एआईबीई पास न करने वाले वकील प्रैक्टिस नहीं कर सकते
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट 13 अगस्त को सुनवाई करेगा तमिलनाडु की कावेरी बाउंड्री विवाद की याचिका
- सुपौल में विधिक जागरूकता : ग्रामीणों को मिला कानून का सहारा
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधिवक्ताओं को तेजी से नामांकन संख्या जारी करने का निर्देश दिया
- कावेरी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की याचिका पर सुनवाई की तारीख तय की
- कावेरी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की याचिका पर सुनवाई की सहमति दी
- ओडिशा हाईकोर्ट जस्टिस का छत्तीसगढ़ में तबादला, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंसा
- चौथाई हाई कोर्टों में नहीं है नियमित चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने दी 4 न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश
- तलाक के बाद भी पत्नी का भरण-पोषण पति का जिम्मेदारी: हिमाचल हाई कोर्ट का नोटिस

