सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तय किया: संजय के. अग्रवाल बने राजस्थान के नए मुख्य न्यायाधीश
सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की, जबकि कार्यवाहक सीजे संजीव प्रकाश शर्मा को अवकाश पर भेजा गया। यह निर्णय वकीलों के विरोध के बीच आया, जहां कार्यवाहक सीजे पर शक्ति दुरुपयोग के आरोप थे। अग्रवाल के चयन से कोर्ट के कार्यप्रणाली को स्थिर करने की आशा जताई गई है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
Who is Rajasthan high court new CJ: राजस्थान हाईकोर्ट में वकीलों के विरोध और विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। वे वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीश हैं।
जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की कार्यप्रणाली को लेकर उपजे भारी विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बड़ा फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज जस्टिस संजय के. अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) बनाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही, राजस्थान हाईकोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज, जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी को पदोन्नत कर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने का निर्णय लिया गया है।
कार्यवाहक CJ संजीव प्रकाश शर्मा छुट्टियों पर गए
कॉलेजियम का इस फैसला के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (Acting CJ) संजीव प्रकाश शर्मा लीव पर चले गए हैं। सोमवार 31 अगस्त 2026 को वकीलों के विरोध प्रदर्शन के बीच कार्यवाहक सीजे शर्मा छुट्टी पर चले गए हैं। जयपुर पीठ के संशोधित रोस्टर के अनुसार, कार्यवाहक सीजे 1 सितंबर से 5 सितंबर तक किसी भी पीठ में सुनवाई नहीं करेंगे। वकीलों के उग्र रुख को देखते हुए सोमवार को जारी नए रोस्टर में बड़ा बदलाव किया गया। कार्यवाहक सीजे ने खुद को न्यायिक कार्य से अलग कर लिया है। अब उनकी और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ (DB) के पास लंबित मामलों की सुनवाई जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता ने CJI को लिखी थी चिट्ठी
बता दें कि इस पूरे घटनाक्रम की नींव तब पड़ी जब सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को लिखे गए पत्र सार्वजनिक हो गए। जस्टिस मेहता ने 2 अगस्त, 10 अगस्त और 17 अगस्त को CJI और कॉलेजियम के सदस्यों को पत्र लिखकर कार्यवाहक सीजे संजीव प्रकाश शर्मा पर "शक्तियों के दुरुपयोग" के गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने पत्र में लिखा कि सीजे की 'निष्पक्षता और सत्यनिष्ठा पर सवाल' उठाने वाली कई शिकायतें मिली हैं। इसी आधार पर उन्होंने कार्यवाहक सीजे के तबादले और नए मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की मांग की थी।
कौन हैं जस्टिस संजय के. अग्रवाल?
राजस्थान के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अनुशंस से चुने गए जस्टिस संजय के. अग्रवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठतम जजों में से एक हैं। जस्टिस अग्रवाल ने लंबे समय तक वकालत की। इस दौरान सिविल, आपराधिक व संवैधानिक मामलों में महारत हासिल की। उन्हें 2013 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कानून से जुड़े और जनहित के फैसलों पर सुनवाई की है। ज्यूडिशरी के क्षेत्र में जस्टिस संजय के. अग्रवाल को उनकी सख्त डिसिप्लेन, त्वरित न्याय प्रणाली और स्पष्टवादी कार्यशैली के लिए जाना जाता है। राजस्थान हाईकोर्ट में जारी प्रशासनिक और न्यायिक गतिरोध के बीच जस्टिस अग्रवाल की नियुक्ति को स्थिति को सामान्य करने और हाईकोर्ट के कामकाज को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
लेखक के बारे मेंखुशेंद्र तिवारीखुशेंद्र तिवारी नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर कंटेट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में राजस्थान के लिए कवर करते हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों की राजनीति की खबरें कवर करते हैं। खुशेंद्र तिवारी पत्रकारिता की शुरुआत समाचार पत्र से की। बीते 6 सालों से डिजिटल मीडिया के लिए काम कर रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 15 सालों का अनुभव है। समाचार पत्र में पहले रिपोर्टिंग और बाद में डेस्क पर काम किया। साल 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत । राजस्थान की राजनीति, सामाजिक और अपराध की खबरें कवर करता हैं । डेस्क के साथ-साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है । अभी तक राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर, शिक्षा और कला जैसे विषयों पर काम किया है। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता और संचार विश्वविद्यालय की है। प्रिंट में काम करने के बाद पिछले छह साल से डिजिटल में नए एक्सपीरियंस के साथ लर्निंग जारी है।
विशेषता: ब्यूरोक्रेसी, पॉलिटिक्ल, आर्ट एंड कल्चर, एजुकेशन और अपराध की खबरों में विशेष दिलचस्पी है। बड़े घटनाक्रमों पर अलग-अलग एंगलों से खबरें लिखना। ओपिनियन लिखना।
पत्रकारिता का अनुभव: पत्रकारिता में कुल 15 सालों का अनुभव है। पत्रकारिता में दिलचस्पी और शुरुआत अखबारों में छोटे- छोटे लेख भेजकर की। इसके बाद इसी क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन कर विधिवत रूप से राजस्थान पत्रिका में फील्ड रिपोर्टिंग की। सबसे पहले आर्ट एंड कल्चर, इसके बाद एजुकेशन की फील्ड में काम किया। \ रिपोर्टिंग के बाद डेस्क के अनुभव को भी समझा।... और पढ़ें
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