केरल पुलिस के खिलाफ अदालत का आदेश: अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में लक्ष्मी प्रिया सहित तीन के खिलाफ FIR, क्या है मामला?
केरल की एक अदालत ने अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में लक्ष्मी प्रिया, जयेश और एक महिला सेल की सब-इंस्पेक्टर रेश्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने पुलिस को अंसिबा हसन की शिकायत की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a4a454099d7062a2c0a2c90","slug":"court-directs-fir-against-actress-lakshmi-priya-her-husband-and-a-woman-cop-in-ansiba-hassan-harassment-case-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में लक्ष्मी प्रिया सहित तीन के खिलाफ FIR; केरल पुलिस को अदालत ने क्या निर्देश दिए?","category":{"title":"Entertainment","title_hn":"मनोरंजन","slug":"entertainment"}}
अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में लक्ष्मी प्रिया सहित तीन के खिलाफ FIR; केरल पुलिस को अदालत ने क्या निर्देश दिए?
Sun, 05 Jul 2026 05:25 PM IST
ज्योति राघव
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति राघव
Updated Sun, 05 Jul 2026 05:25 PM IST
सार
Ansiba Hassan Harassment Case: केरल की एक अदालत ने अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया सहित तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पुलिस को अंसिबा हसन की शिकायत की जांच करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अंसिबा हसन उत्पीड़न मामले में केरल की एक अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, केरल की एक अदालत ने मलयालम अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया, उनके पति जयेश और एक महिला पुलिसकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
अंसिबा ने क्या लगाए आरोप?
अदालत ने अभिनेत्री अंसिबा हसन को त्रिपुनिथुरा महिला सेल में कथित तौर पर अवैध रूप से हिरासत में रखने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के मामले में यह निर्देश दिया है। त्रिपुनिथुरा के न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट पीएम अमीनाकुट्टी ने शनिवार को पुलिस को अंसिबा हसन की शिकायत की जांच करने का आदेश दिया।
विज्ञापन
मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुईं अंसिबा
अंसिबा हसन शनिवार को लक्ष्मी प्रिया, जयेश और महिला सेल से जुड़ी सब-इंस्पेक्टर रेश्मा के खिलाफ अपनी याचिका पर सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुईं। अदालत ने अपने आदेश में कहा, 'चूंकि सच का पता लगाने के लिए पुलिस को आरोपियों पर लगे आरोपों की विस्तृत जांच करनी है, इसलिए शिकायत को हिल पैलेस पुलिस स्टेशन के SHO के पास भेजा जा रहा है, ताकि एफआईआर दर्ज की जा सके और BNSS ( भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 175 (3) के तहत जांच की जा सके'।
विज्ञापन
अंसिबा ने क्या कहा?
यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें लक्ष्मी प्रिया की शिकायत के बाद हसन को हिल पैलेस पुलिस थाने की महिला सेल में तलब किया गया था। लक्ष्मी प्रिया ने हसन से आपत्तिजनक व्हॉट्सएप मैसेज मिलने का आरोप लगाते हुए पुलिस का रुख किया था। अंसिबा हसन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उन्हें महिला सेल में लगभग तीन घंटे तक गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा गया। मानसिक रूप से परेशान किया गया और माफीनामा लिखने एवं गाकर सुनाने के लिए मजबूर किए जाने के बाद ही छोड़ा गया।
जानकारी के बिना माफीनामे में बदलाव का आरोप
अंसिबा हसन ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उनकी जानकारी के बिना माफीनामे में बदलाव किया गया। हसन ने शुरू में थ्रिक्काकारा के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) से मामले में शिकायत की थी। हालांकि, शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज न करने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने उचित निर्देश देने के लिए मजिस्ट्रेट अदालत का रुख किया।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
इल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने इत्तेहाद‑ए‑मिल्लत काउंसिल अध्यक्ष की जमानत याचिका खारिज, 'सर‑तन‑से‑जुदा' नारे को राष्ट्रीय एकता की चुनौती माना

सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद पर डॉक्टर‑हिंसा केस में जमानत पर कड़ी चेतावनी दी

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हिंसा को कड़ा संदेश: नेताओं को जवाबदेह ठहराया

सुप्रीम कोर्ट ने 3‑महीने की सीमा तय की, फिर फैसला देने में दो साल लगाए

लाम डोंग प्रांत ने व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून के प्रचार-प्रसार के साथ साइबर सुरक्षा अभ्यास कार्यक्रम का शुभारंभ किया

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: विदेश में लापता भारतीय की जाँच का कानूनी आधार क्या?

शिमला कोर्ट ने शादी के झांसे के आरोप में आरोपी को बरी किया

हाईकोर्ट ने तय किया: शरिया कोर्ट नहीं बना सकता वैध तलाक, केवल धार्मिक राय दे सकता है
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने दो साल की देरी के बाद 3‑महीने की सीमा तोड़ते हुए आदेश सुनाया
- साइंस‑आधारित जांच व निजता: सुप्रीम कोर्ट ने किया जरूरी संतुलन पर ज़ोर
- शिवसेना पार्षद के डॉक्टर पर हमले के जमानत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए, सड़कों पर ऐसे लोगों का हक नहीं
- छह महीने से अधिक आरक्षित फैसले पर पुनः सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश को आवेदन का अधिकार
- 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत: पेंडिंग ट्रैफिक चालानों का आसान निपटारा और बड़ी छूट
- सुप्रीम कोर्ट ने नगा उग्रवादी होपेसन निंगशेन की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर, अपील तक दिल्ली से बाहर न जाने की शर्त लगाई
- सच्चाई की तलाश में: सुप्रीम कोर्ट ने 9 साल बाद दुष्कर्म के दोषी को रिहा किया
- हाईकोर्ट ने कहा: क्लोजर रिपोर्ट के बाद भी मजिस्ट्रेट सीधे तलब कर सकते हैं

