उत्तराखंड में राहुल गांधी पर एससी‑एसटी एक्ट के तहत एफआईआर, शिवसेना का तिरस्कार
उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ SC/ST एक्ट के अंतर्गत एफआईआर दर्ज हुई है। इस निर्णय पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हुई, जिसमें शिवसेना के प्रवक्ता शायना NC ने जोर देकर कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी नेता के लिए विशेष नियम नहीं हैं। वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि शिकायतों का आधार सबूत होना चाहिए और सामाजिक समरसता के लिए ऐसे कदम उठाने की जरूरत है।

सौजन्य से:- ABP News
राहुल गांधी के खिलाफ FIR पर बोली शिवसेना- कानून सबके लिए...
उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई है. अब इस मामले में सियासी प्रतिक्रियाएं आ रहीं हैं. शिवसेना ने इस मामले में तीखी टिप्पणी की है.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड में एससी एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई है. इस एफआईआर के बाद सियासी प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है.
इसी क्रम में शिवसेना की प्रवक्ता शायना NC ने कहा कि 'पप्पू जी, कानून सभी के लिए एक समान है. राहुल गांधी के लिए कोई अलग कानून नहीं बना है. अगर कोई शिकायत दर्ज की जाती है, सबूत पेश किए जाते हैं, या FIR दर्ज होती है, तो यह सब नियमों और कानून के मुताबिक होता है; सिर्फ इसलिए कि आप विपक्ष के नेता हैं, आपके लिए अलग नियम क्यों होने चाहिए? SC/ST एक्ट साफ कहता है कि अगर कोई दलित सबूत के आधार पर शिकायत दर्ज कराना चाहता है, तो इसकी इजाज़त है. मेरा मतलब है, जब आप छुआछूत की बात करते हैं या कुछ समुदायों के लिए अलग तरह की सोच रखते हैं, तो इससे उनकी भावनाएं आहत हो सकती हैं. 'स्वच्छ भारत' भी देश में छुआछूत को कम करने की एक कोशिश है. आप फोटो खिंचवाने का खेल खेलते हैं, हम विकास का एजेंडा लेकर चलते हैं.'
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