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CM विजय ने स्टालिन को सोमवार को जवाब देने का आश्वासन दिया, विधानसभा में हंगामा छा गया

तमिलनाडु विधानसभा में डीएमके के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, जिससे हंगामा उत्पन्न हुआ। सीएम विजय ने सभी प्रश्नों का उत्तर अगले सोमवार को देने का वादा किया और स्पीकर से सदस्यों को अपनी सीटों पर रहने की अपील की।

3 सितंबर 2026 को 07:31 pm बजे
CM विजय ने स्टालिन को सोमवार को जवाब देने का आश्वासन दिया, विधानसभा में हंगामा छा गया

सौजन्य से:- abplive.com

CM विजय ने उदयनिधि स्टालिन को दे डाली चुनौती, कहा- 'सोमवार को...'

तमिलनाडु विधानसभा में हंगामे की स्थिति देखने को मिली. सरकार का विरोध करते हुए डीएमके से विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने निशाना साधा. सीएम विजय आरोपों पर सोमवार को जवाब देने की बात कही है.

तमिलनाडु की विधानसभा में हंगामे की स्थिति उस वक्त बन गई, जब डीएमके ने टीवीके सरकार को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने की कोशिश की. इसपर सीएम विजय ने अपनी सीट से उठकर कहा कि विपक्ष की तरफ से उठाए गए, हर सवाल का जवाब वे अगले सोमवार को देंगे.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उन्होंने स्पीकर से यह भी अनुरोध किया कि वे सुनिश्चित करेंगे कि डीएमके सदस्य उनके भाषण के दौरान अपनी सीटों पर बने रहें. सदन से बाहर न जाएं. वॉकआउट न करें.

क्या-क्या हुआ विधानसभा में?

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने न केवल टीवीके की तरफ पिछली डीएमके सरकार के ड्रग्स के प्रसार को रोकने के तरीकों की बार-बार आलोचना पर सवाल उठाए. साथ ही सवाल पूछा कि अगर पिछली सरकार के प्रयास अपर्याप्त थे, तो मौजूदा सरकार ने उन सीनियर पुलिस अधिकारियों को प्रमोशन क्यों दिया, जिन्होंने डीएमके के समय उन्ही विभागों को लीड किया था. स्टालिन ने कहा कि राज्य में क्राइम के साथ-साथ POCSO के मामले में भी वृद्धि देखी गई है. उनकी सरकार ने पीड़ितों की सहायता और तुरंत न्याय दिलाने के लिए स्पेशल कमिटियां और एसओपी स्थापित की थीं.

सीएम विजय ने क्या कहा है?

स्टालिन के आरोपों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री विजय सीट से उठे और स्पीकर की तरफ मुड़े और कहा कि माननीय स्पीकर, माननीय सदस्यों की तरफ से उठाए गए सभी सवालों का स्पष्टीकरण में मैं सोमवार को दूंगा. भले ही मैं यहां न रहूं, मुझे जानकारी मिलती रहेगी कि कौन क्या सवाल पूछ रहा है. मैं हर चीज का स्पष्ट जवाब दूंगा. आपके माध्य से मेरा एक अनुरोध है, कोई भी उठकर चला न जाए.

इसेक बाद स्टालिन ने प्रतिक्रिया दी है कि हमें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री जवाब देंगे. लेकिन उन्होंने कहा है कि वे सोमवार को जवाब देंगे और सदन से बाहर चले गए. इसके अलावा उन्होंने मौजूदा सरकार के विरोध प्रदर्शनों, इसमें मरीना बीच पर नीट विरोध प्रदर्शन शामिल थे, को दबाने और राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों की आलोचना की. इधर, जब लोक निर्माण विभाग के मंत्री माधव अर्जुन ने पिछली डीएमके सरकार की पॉलिसी नोट्स में पेश किए गए क्राइम के आंकड़ों की कड़ी आलोचना की. तो विपक्ष के सदस्य विरोध में खड़े हो गए. इसके बाद विधानसभा के अंदर हंगामा मच गया.

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