सुप्रीम कोर्ट में सरकार‑सीजेपी का सकारात्मक संवाद, प्रोटेस्ट मार्च रद्द
सीजेपी की दूसरी मांग के पूरा होने और तीसरी मांग पर 90‑दिन का आश्वासन मिलने के बाद सरकार ने उनका टकराव समाप्त कर दिया। कोर्ट में दोनों पक्षों ने एक‑दूसरे की सराहना की, जहाँ सॉलिसिटर जनरल ने उन्हें "हमारे बच्चे" कहा और चीफ जस्टिस ने संवाद से सभी मुद्दों का समाधान सम्भव बताया।

सौजन्य से:- Hindustan
दुश्मन नहीं, हमारे बच्चे हैं; सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने CJP की तारीफ भी की
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी मांगें पूरी होने के बाद 5 सितंबर का अपना प्रोटेस्ट मार्च रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार और सीजेपी के बीच काफी सकारात्मक माहौल दिखा।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की दूसरी मांग पूरी होने और तीसरे के लिए 90 दिनों वाला आश्वासन मिल जाने के बाद केंद्र सरकार के संग उनका टकराव फिलहाल खत्म हो गया है। देश की सबसे बड़ी अदालत में दोनों पक्षों में बनी सहमति से माहौल इतना सकारात्मक हो गया कि सभी पक्षों ने एक दूसरे की सराहना की। सीजेपी ने जहां केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल की तारीफ की तो उन्होंने भी आंदोलनकारियों को सकारात्मक और रचनात्मक बताते कहा कि उनके साथ सरकार की किसी तरह की दुश्मनी नहीं है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि बातचीत से हर मसले का हल हो सकता है।
दरअसल, नीट पेपर लीक के खिलाफ एक महीने से अधिक समय तक आंदोलन चलाकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफे के लिए मजबूर कर चुकी सीजेपी की दूसरी मांग थी कि आंदोलन के दौरान दिल्ली और भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी केसों को वापस लिया जाए। उनकी तीसरी मांग नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिजनों को मुआवजा देने की है।
इन वादों के लंबित होने की वजह से सीजेपी ने 5 मार्च को इंडिया गेट से प्रोटेस्ट मार्च निकालने का ऐलान करके जो दबाव बनाया उसका असर भी देखने को मिला। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की कि संवैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल करके सभी केसों को रद्द कर दिया जाए। इसके अलावा मुआवजे पर 90 दिनों वाला भरोसा भी दिया गया। सीजेपी ने सरकार के रुख से संतुष्ट होकर सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च को रद्द कर दिया है। अदालत में मौजूद सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने चीफ जस्टिस की अगुआई वाली बेंच के सामने यह घोषणा की।
सौरभ दास ने अदालत में क्या कहा
सरकार की ओर से सकारात्मक भरोसा को देखते हुए और अदालत की ओर से दिए जा रहे आदेश को देखते हुए सीजेपी 5 सितंबर को मार्च की अपील को वापस लेना उचित समझती है। मैं अदालत को इस फैसले के लिए धन्यवाद देता हूं, साथ ही दोनों पक्षों के वकीलों वृंदा ग्रोवर और सॉलिसिटर जनरल को उनके प्रयास के लिए आभार जताता हूं।
सरकार ने कहा- दुश्मनी नहीं, वे हमारे बच्चे
सौरभ दास की घोषणा पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, 'इससे सब संतुष्ट हैं। हमें उनपर भरोसा है।' उन्होंने आगे सीजेपी की तारीफ करते हुए कहा, 'मैं पूरी गंभीरता से कहना चाहता हूं कि वे बहुत सकारात्मक और रचानात्मक रहे हैं और हमारा पक्ष भी सकारात्मक और रचनात्मक है। हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है, वे स्टूडेंट्स हैं और हमारे अपने बच्चे हैं।' इस बीच सीजेआई ने कहा कि यदि दोनों पक्ष सकारात्मकता दिखाएं तो सभी मुद्दों का हल हो सकता है। दुनिया में कुछ भी ऐसा जटिल नहीं है।
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