होमअपराधबंगाल में गुंडा दमन कानून लागू, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर अब तीन गुना वसूली - bengal antihooliganism law effective triple damages for property
अपराध

बंगाल में गुंडा दमन कानून लागू, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर अब तीन गुना वसूली - bengal antihooliganism law effective triple damages for property

बंगाल में गुंडा दमन कानून लागू, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर अब तीन गुना वसूली बंगाल में गुंडा दमन कानून का एक हिस्सा प्रभावी हो गया है, जिसके तहत पुलिस पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से तीन ग…

24 अगस्त 2026 को 08:55 pm बजे
बंगाल में गुंडा दमन कानून लागू, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर अब तीन गुना वसूली
 - bengal antihooliganism law effective triple damages for property

सौजन्य से:- Jagran

बंगाल में गुंडा दमन कानून लागू, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर अब तीन गुना वसूली

बंगाल में गुंडा दमन कानून का एक हिस्सा प्रभावी हो गया है, जिसके तहत पुलिस पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से तीन गुना क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी।

HighLights

- गुंडा दमन कानून का एक हिस्सा बंगाल में प्रभावी।

- सरकारी संपत्ति नुकसान पर ब्याज सहित तीन गुना वसूली।

- सीएए नागरिकता प्रमाणपत्र प्रक्रिया भी तेज की जाएगी।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद 29 जून को विधानसभा से पारित गुंडा दमन कानून का एक हिस्सा सोमवार से राज्य में प्रभावी हो गया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार शाम राज्य सचिवालय नवान्न में संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस पर हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर ब्याज सहित तीन गुना क्षतिपूर्ति

उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर संबंधित लोगों से ब्याज सहित तीन गुना क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ भी तत्काल व सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि संबंधित नए कानून को राज्यपाल आरएन रवि की मंजूरी मिलने के बाद इस संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी कर इसे लागू किया गया है।

मालूम हो कि 29 जून को राज्य विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में ‘पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण विधेयक, 2026’ पारित किया गया था। इसे आम तौर पर गुंडा दमन विधेयक के नाम से जाना जाता है।

पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई

इस कानून के तहत पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से नुकसान की भरपाई कराने का प्रावधान किया गया है।

विधेयक को विधानसभा में पेश करते समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि इसका उद्देश्य ‘गुंडामुक्त बंगाल’ का निर्माण करना है। इसके साथ ही विधानसभा ने ‘पश्चिम बंगाल लोक व्यवस्था बनाए रखने संबंधी कानून संशोधन विधेयक, 2026’ भी पारित किया था।

दोनों विधेयकों में गुंडागर्दी और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस-प्रशासन को बिना मुकदमे के एक साल तक हिरासत में रखने की शक्तियां देने तथा संपत्ति जब्त करने के प्रावधानों को और कठोर बनाने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इनमें इस कानून का एक हिस्सा फिलहाल राष्ट्रपति के पास विचाराधीन है, जो बिना मुकदमे के एक साल तक हिरासत में रखने से संबंधित है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति से इसे भी जल्द मंजूरी मिल जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान 2019 में सीएए विरोधी आंदोलन के दौरान मुर्शिदाबाद सहित कई इलाकों में हुई व्यापक हिंसा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने हावड़ा के सांकराइल में भी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने का हवाला दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चुनौती देते हुए कहा कि अब किसी में हिम्मत है तो पुलिस, थाने और अन्य सरकारी कार्यालयों या सार्वजनिक संपत्तियों पर हमले या तोड़फोड़ करके देख लें।

सीएए के तहत 23 हजार लोगों को मिल चुके नागरिकता प्रमाणपत्र

मुख्यमंत्री ने मतुआ समुदाय और हिंदू शरणार्थियों के लिए नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के तहत राज्य में नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीएए के तहत प्राप्त आवेदनों की सुनवाई जल्द पूरी कर इसका निपटारा और पात्र आवेदकों को नागरिकता प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया तेज करने के संबंध में जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सीएए के तहत अब तक 2.30 लाख आवेदनों में से 23 हजार लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी किया जा चुका है। फिलहाल करीब दो लाख सात हजार आवेदन लंबित हैं। इनके साथ ही आगे प्राप्त होने वाले नए आवेदनों पर भी अब तेजी से सुनवाई पूरी की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि धार्मिक उत्पीड़न के कारण बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों को सीएए के तहत नागरिता प्रमाणपत्र के लिए अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पात्र शरणार्थियों को प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
इल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने इत्तेहाद‑ए‑मिल्लत काउंसिल अध्यक्ष की जमानत याचिका खारिज, 'सर‑तन‑से‑जुदा' नारे को राष्ट्रीय एकता की चुनौती माना
अपराध

इल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने इत्तेहाद‑ए‑मिल्लत काउंसिल अध्यक्ष की जमानत याचिका खारिज, 'सर‑तन‑से‑जुदा' नारे को राष्ट्रीय एकता की चुनौती माना

सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद पर डॉक्टर‑हिंसा केस में जमानत पर कड़ी चेतावनी दी
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद पर डॉक्टर‑हिंसा केस में जमानत पर कड़ी चेतावनी दी

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हिंसा को कड़ा संदेश: नेताओं को जवाबदेह ठहराया
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हिंसा को कड़ा संदेश: नेताओं को जवाबदेह ठहराया

सुप्रीम कोर्ट ने 3‑महीने की सीमा तय की, फिर फैसला देने में दो साल लगाए
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने 3‑महीने की सीमा तय की, फिर फैसला देने में दो साल लगाए

लाम डोंग प्रांत ने व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून के प्रचार-प्रसार के साथ साइबर सुरक्षा अभ्यास कार्यक्रम का शुभारंभ किया
अपराध

लाम डोंग प्रांत ने व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून के प्रचार-प्रसार के साथ साइबर सुरक्षा अभ्यास कार्यक्रम का शुभारंभ किया

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: विदेश में लापता भारतीय की जाँच का कानूनी आधार क्या?
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: विदेश में लापता भारतीय की जाँच का कानूनी आधार क्या?

शिमला कोर्ट ने शादी के झांसे के आरोप में आरोपी को बरी किया
अपराध

शिमला कोर्ट ने शादी के झांसे के आरोप में आरोपी को बरी किया

हाईकोर्ट ने तय किया: शरिया कोर्ट नहीं बना सकता वैध तलाक, केवल धार्मिक राय दे सकता है
अपराध

हाईकोर्ट ने तय किया: शरिया कोर्ट नहीं बना सकता वैध तलाक, केवल धार्मिक राय दे सकता है

ताज़ा ख़बरें