बीजेपी विधायक राजू सिंह की विधायकी खतरे में, जानिए क्या होगा अब?
बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को 4 साल की सजा सुनाई गई है, जिससे उनकी विधायकी खतरे में हो गई है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों के तहत, 2 साल या उससे अधिक की सजा के बाद किसी भी सांसद या विधायक की सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है।

सौजन्य से:- AajTak
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हर्ष फायरिंग में महिला के हत्या के दोषी बिहार के साहेबगंज से विधायक राजू कुमार सिंह की विधायकी, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रावधानों के तहत चली जाएगी. सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत सरकार नामक मुकदमे के ऐतिहासिक निर्णय के मुताबिक, किसी भी सांसद या विधायक को 2 साल या उससे अधिक की जेल की सजा होने पर सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है.
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष जज विशाल गोगने ने 2018 के हर्ष फायरिंग और गैर इरादतन हत्या के मामले में उन्हें 4 साल की सजा सुनाई है. विधायकी रद्द होने की प्रक्रिया इस प्रकार होती है कि कोर्ट का फैसला आते ही जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) लागू हो जाएगी, जिससे उनकी सदस्यता खत्म मान ली जाएगी.
इसके बाद विधानसभा सचिवालय कोर्ट के आदेश के आधार पर एक अधिसूचना जारी कर उनकी सीट को रिक्त घोषित कर देगा. सजा पाए विधायक इस सजा के खिलाफ हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकते हैं.
अगर ऊपरी अदालत उनकी अपराध सिद्धी पर रोक कनविक्शन पर स्टे लगा देती है, तो उनकी विधायकी बहाल हो सकती है. हालांकि, केवल सजा निलंबित (Suspend) होने से सदस्यता बहाल नहीं होती. सदस्यता रद्द होने की स्थिति में, भारत निर्वाचन आयोग उस सीट पर 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराएगा.
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यह प्रक्रिया पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस और जनप्रतिनिधित्व कानून के नियमों के अधीन कार्य करती है. आठ साल पहले 2018 में दिल्ली मे हर्ष फायरिंग मे हुई एक महिला की मौत के मामले मे बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को चार साल की सजा सुनाई. सजा के साथ ही राजू सिंह की विधायकी पर अयोग्यता की तलवार लटक गई है. क्योंकि नियमानुसार दो साल से अधिक की सजा पर सांसद विधायक अयोग्य हो जाता है.
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने विधायक राजू कुमार सिंह को 25 लाख का मुआवजा पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने विधायक राजू कुमार सिंह को IPC की धारा 304 पार्ट 2 और 30 आर्म्स एक्ट मे दोषी ठहराया था.
31 दिसंबर 2018 को न्यू ईयर पार्टी के दौरान बिहार के विधायक राजू सिंह के दिल्ली के बसंत कुंज स्थित फार्महाउस पर गोली चलने से एक महिला डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी. राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के तहत अपराध मामले में बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को दो महीने की सजा सुनाई.
कोर्ट ने कहा कि अगर राजू कुमार सिंह ने 25 लाख रूपये पीड़ित परिवार को नहीं दिए तो तीन महीने अतिरिक्त सजा काटनी होगी. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह की सभी सजाएं अलग-अलग चलेंगी. इस फैसले से बिहार के बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह की विधानसभा की सदस्यता पर खतरा है. अगर हाईकोर्ट ने विधायक राजू कुमार सिंह की दोषी करार दिए जाने के फैसले पर रोक नहीं लगाई तो विधानसभा की सदस्यता खत्म हो जाएगी.
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