होम›संविधान›इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा मित्रों को विशेष टीईटी 2026 से बाहर रखा
संविधान

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा मित्रों को विशेष टीईटी 2026 से बाहर रखा

उच्च न्यायालय ने कार्यरत अध्यापकों के लिए आयोजित विशेष टीईटी 2026 में शिक्षा मित्रों को शामिल करने की याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति ने बताया कि शिक्षा मित्रों का कानूनी दर्जा अध्यापकों से अलग है और वे केवल सामान्य टीईटी पात्रता के आधार पर विशेष परीक्षा में भाग नहीं ले सकते।

3 अक्टूबर 2026 को 06:04 am बजे
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा मित्रों को विशेष टीईटी 2026 से बाहर रखा

सौजन्य से:- Careers360

टॉप सर्च

Press Trust of India | October 3, 2026 | 10:36 AM IST | 1 min read

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत सभी अध्यापकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है।

उच्च न्यायालय ने इस संदर्भ में कहा कि शिक्षा मित्रों की कानूनी स्थिति कार्यरत अध्यापकों से अलग है। (प्रतीकात्मक-विकिमीडिया कॉमन्स)

प्रयागराज: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कार्यरत अध्यापकों के लिए आयोजित की जाने वाली विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 में शिक्षा मित्रों को शामिल करने का अनुरोध करने वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं। याचिकाओं को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने कहा कि याचिकाकर्ता शिक्षा मित्र सिर्फ इस आधार पर विशेष परीक्षा में शामिल होने का दावा नहीं कर सकते कि वे सामान्य टीईटी में शामिल होने के पात्र हैं।

उच्च न्यायालय ने इस संदर्भ में कहा कि शिक्षा मित्रों की कानूनी स्थिति कार्यरत अध्यापकों से अलग है और संविधान राज्य सरकार को किसी वैध कानूनी उद्देश्य पर आधारित भेद को समाप्त करने के लिए बाध्य नहीं करता।

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत सभी अध्यापकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया है। सेवा में मौजूद ऐसे सभी अध्यापकों को, जिन्होंने टीईटी उत्तीर्ण नहीं किया है, अगले एक वर्ष के भीतर विशेष टीईटी पास करना होगा।

ऐसा नहीं करने पर उनकी नौकरी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय के इस आदेश के अनुपालन में यूपी सरकार ने यूपीईएसएससी के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों के लिए विशेष टीईटी-2026 आयोजित करने का फैसला किया है।

शिक्षा मित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की याचिका खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने कहा, ''यह विशेष टीईटी उन मौजूदा अध्यापकों के लिए है जिनकी सेवा जारी रहना उच्चतम न्यायालय के बाध्यकारी निर्देशों के तहत टीईटी उत्तीर्ण करने पर निर्भर है।''

MakeCAREERS360

My Trusted SourceAdd as a preferred source on google[अगली खबर

]

[नवीनतम शिक्षा समाचार

]

[सम्बंधित खबर

]

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
चिदंबरम ने SIR प्रक्रिया पर सवाल, वोटर पुनः पंजीकरण के खर्चे की जाँच का आव्हान
संविधान

चिदंबरम ने SIR प्रक्रिया पर सवाल, वोटर पुनः पंजीकरण के खर्चे की जाँच का आव्हान

क़ानून निर्माण‑लागू में कड़ियों को सुदृढ़ करने का नया मसौदा
संविधान

क़ानून निर्माण‑लागू में कड़ियों को सुदृढ़ करने का नया मसौदा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी 2026 से बाहर रखा, सभी याचिकाएँ खारिज
संविधान

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों को स्पेशल टीईटी 2026 से बाहर रखा, सभी याचिकाएँ खारिज

सांस्कृतिक उद्योग के विकास पर मसौदे की समीक्षा: समिति ने 8 अन्य कानूनों पर भी प्रतिक्रिया दी
संविधान

सांस्कृतिक उद्योग के विकास पर मसौदे की समीक्षा: समिति ने 8 अन्य कानूनों पर भी प्रतिक्रिया दी

राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति ने आवास व अचल संपत्ति कानूनों के दो संशोधित मसौदे प्रस्तुत किए
संविधान

राष्ट्रीय सभा की स्थायी समिति ने आवास व अचल संपत्ति कानूनों के दो संशोधित मसौदे प्रस्तुत किए

वैध वीज़ा भी भारत प्रवेश का अनिवार्य अधिकार नहीं देता: दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला
संविधान

वैध वीज़ा भी भारत प्रवेश का अनिवार्य अधिकार नहीं देता: दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जिला न्यायाधीश को विशेष सुनवाई नहीं दी, समान न्याय के सिद्धांत को दृढ़ किया
संविधान

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जिला न्यायाधीश को विशेष सुनवाई नहीं दी, समान न्याय के सिद्धांत को दृढ़ किया

हाईकोर्ट जजों के ट्रांसफर में असमान मानदंडों पर फिर उठे प्रश्न
संविधान

हाईकोर्ट जजों के ट्रांसफर में असमान मानदंडों पर फिर उठे प्रश्न

ताज़ा ख़बरें