मथुरा के चार गैंगस्टर को गैंग्स्टर एक्ट में 10 साल की जेल, साथ में ₹5,000 का जुर्माना
स्पेशल गैंग्स्टर कोर्ट ने पदम सिंह, राजपाल, राजकुमार और प्रवीन को गैंग्स्टर एक्ट के तहत प्रत्येक को दस साल की सजा और पाँच हजार रुपए का जुर्माना दिया। यह मामला 2008 में सामाजिक कार्यकर्ता देवीचरन पाठक की हत्या से जुड़ा था, जहाँ उन्हें पहले उम्रकैद की सजा मिली थी और लगभग 14 साल जेल के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश से रिहा किया गया था। गैंग्स्टर एक्ट का मुकदमा अब इस नई सजा के साथ समाप्त हुआ।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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मथुरा में 4 गैंगस्टर दोषियों को 10-10 साल की सजा:हत्या के मामले में उम्रकैद हो चुकी थी, 14 साल बाद सुप्रीम कोर्ट से हुए थे रिहा
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मथुरा की स्पेशल गैंग्स्टर कोर्ट ने मंगलवार को चार दोषियों को गैंग्स्टर एक्ट के मामले में 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने पदम सिंह, राजपाल, राजकुमार और प्रवीन पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। एडीजे पंचम की अदालत ने शाम करीब 5 बजे फैसला सुनाया। मामले का प्रेस नोट देर शाम करीब 9 बजे जारी किया गया।
मामला सुरीर थाना क्षेत्र के परसोती गढ़ी गांव में 20 जुलाई 2008 को हुई सोशल वर्कर देवीचरन पाठक की हत्या से जुड़ा है। पुलिस ने हत्या के मुकदमे के साथ आरोपियों के खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट और एनएसए के तहत भी कार्रवाई की थी। हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाने के बाद चारों करीब 14 साल जेल में रहे और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रिहा हुए थे। गैंग्स्टर एक्ट का मुकदमा इसके बाद भी चलता रहा।
हत्या के बाद गैंग्स्टर एक्ट में भी हुई थी कार्रवाई
देवीचरन पाठक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के बाद सुरीर थाना पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और गैंग्स्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की।
हत्या के मुकदमे में सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने करीब 14 साल जेल में बिताए। सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया था, लेकिन गैंग्स्टर एक्ट की कानूनी प्रक्रिया जारी रही।
सरकारी वकील ने कोर्ट में पेश किए सबूत
गैंग्स्टर एक्ट के मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने अदालत में साक्ष्य पेश किए। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि चारों ने संगठित गिरोह बनाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया और हत्या जैसे गंभीर अपराधों से आर्थिक लाभ कमाया।
अभियोजन ने यह भी कहा कि गिरोह की गतिविधियों से इलाके में लोगों के बीच भय का माहौल पैदा हुआ। दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य सुनने के बाद कोर्ट ने पदम सिंह, राजपाल, राजकुमार और प्रवीन को दोषी माना।
चारों पर 5-5 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया
स्पेशल गैंग्स्टर कोर्ट एडीजे पंचम ने चारों दोषियों को गैंग्स्टर एक्ट के तहत 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर पांच-पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
चारों दोषी सुरीर थाना क्षेत्र के परसोती गढ़ी गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वे भाहई गांव में रह रहे हैं। फैसला आने के बाद पुलिस और सरकारी वकील ने कोर्ट के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया।
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