मालवीय नगर में होटल आग से 23 मौत, आरोपी लोकेश बजाज की जमानत अर्जी खारिज
3 जून 2026 को फ्लोरिश स्टे होटल में लगी आग में 23 लोगों की मौत और 24 घायल हुए। बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग करने वाले मालिक लोकेश बजाज को अदालत ने स्वास्थ्य सुविधाओं की पर्याप्तता के कारण रिहा नहीं किया। अगले सुनवाई में 17 सितंबर को सभी तीन आरोपी पेश होने को कहा गया।

सौजन्य से:- Navbharat Times
मालवीय नगर के हौज रानी में फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड के मुख्य आरोपी लवकेश बजाज को कोर्ट से झटका लगा है। 23 लोगों की मौत मामले में लवकेश ने सर्जरी के आधार पर जमानत की मांग की थी लेकिन अदालत ने किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।
नई दिल्लीः मालवीय नगर के हौज रानी में फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड के मुख्य आरोपी लवकेश बजाज की अंतरिम जमानत अर्जी गुरुवार को खारिज हो गई। बीमारी का हवाला देकर जेल में बंद बजाज ने चार हफ्ते की अंतरिम जमानत मांगी थी। कोर्ट ने कहा कि RML अस्पताल में जरूरी और पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं मिल रही है। इसलिए मेडिकल आधार पर हिरासत से रिहा करना आवश्यक नहीं है।
23 लोगों की मौत हुई थी
फ्लोरिश स्टे में 3 जून 2026 के अग्निकांड में 23 लोगों की मौत हुई थी और 24 लोग जख्मी हुए थे। मालवीय नगर थाने में दर्ज केस में आरोपी बजाज और होटल का अकाउंटेंट जय मिश्रा जेल में हैं। तीसरे आरोपी कुक केसर नेगी को कोर्ट 27 जुलाई को जमानत दे चुकी है।
लेकिन होटल का ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) लाइसेंस जय मिश्रा के नाम होने के चलते उसे बेल नहीं मिली थी। अभी फरेंसिक साइंस लैब (FSL) की रिपोर्ट नहीं आई है। बजाज की जेल में 22 अगस्त को तबीयत बिगड़ी।
आंतों में रुकावट की समस्या की 31 अगस्त को सर्जरी हुई। निजी अस्पताल में इलाज और परिवार से देखभाल कराने के लिए अंतरिम बेल की मांग की। मेडिकल रिपोर्ट में पोस्ट-ऑपरेटिव निगरानी के लिए ICU में रखने और 7 से 10 दिन भर्ती रहने की बात थी।
तीनों के खिलाफ संज्ञान, 17 को सुनवाई
फ्लोरिश स्टे अग्निकांड में पुलिस की ओर से मंगलवार को दाखिल चार्जशीट पर साकेत कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए आरोपी लवकेश बजाज, जय मिश्रा और केसर नेगी के खिलाफ मौजूद सामग्री को पहली नजर में कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त माना है। कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई करते हुए गैर इरादतन हत्या समेत कई धाराओं में दायर चार्जशीट का संज्ञान लिया। तीनों आरोपियो को 17 सितंबर को पेश होने को कहा गया है।
लेखक के बारे मेंशंकर सिंहशंकर सिंह, नवभारत टाइम्स में असिस्टेंट एडिटर हैं। पत्रकारिता में 25 से भी ज्यादा वर्ष हो चुके हैं। छह साल से क्राइम कवर कर रहे हैं। NBT में 17 साल से हैं। इससे पहले पंजाब केसरी, दैनिक जागरण, अमर उजाला और जनसत्ता जैसे अखबारों में काम किया है। वह लंबे समय तक स्पोर्ट्स कवर करते रहे हैं। क्रिकेट और हॉकी वर्ल्ड कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट्स के अलावा आईपीएल और कॉमनवेल्थ गेम्स की कवरेज की। खेलों में ग्रासरूट से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक चलने वाले करप्शन को उजागर किया। दिल्ली के लोकल इश्यू, स्थानीय राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर मजबूत पकड़ होने से इन पर भी खूब लिखा है। अब क्राइम रिपोर्टिंग करते हुए दिल्ली समेत उत्तर भारत के राज्यों में फैलते संगठित अपराध करने वाले गिरोहों, इनका पुलिस के साथ गठजोड़, देश की जेलों और विदेश से ऑपरेट होने वाले क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस के भ्रष्टाचार और साइबर क्राइम से जुड़े मामलों पर भी प्रहार किया है। खोजी पत्रकारिता के तहत 'सच' को सामने लाने के लिए एक्सक्लूसिव खबरें करने में माहिर हैं। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के 2020 के दंगों की तब ग्राउंड रिपोर्टिंग की, जब हिंसा अपने चरम पर थी। पुलिस के सहयोग से कई फंसे हुए परिवारों को दंगा प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित स्थानों में भेजने में मदद भी की। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्याम लाल कॉलेज से बीएससी, जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से मास मीडिया में पीजी डिप्लोमा और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से एलएलबी किया है।... और पढ़ें
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