भोपाल में 17 सितंबर को लोक अदालत, 10 लाख तक के बिजली बिल पेनल्टी पर मिलेगा विशेष छूट
भोजन जिला न्यायालय में 17 सितंबर को आयोजित लोक अदालत के तहत 10 757 मामलों में से लगभग 4 000 के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें कुटुंब, श्रम, चैक बाउंस और विद्युत अधिनियम से जुड़े दावों को सुना जाएगा। इस मंच पर 10 लाख रुपये तक के घरेलू बिजली बिल पेनल्टी, बैंक रिकवरी, नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स व जल कर के दायित्वों में विशेष रियायत दी जाएगी, और चैक बाउंस मामलों में कोर्ट फीस का पूरा रिफंड भी मिलेगा।

सौजन्य से:- ETV Bharat
17 सितंबर को लोक अदालत, 10 लाख तक के बिजली बिल मामलों में पेनल्टी से मिलेगी छूट
भोपाल जिला अदालत में लंबित मामलों को जल्द सुलझाने के लिए 17 सितंबर को लगाई जाएगी लोक अदालत. ब्रिजेन्द्र पटैरिया की रिपोर्ट.
By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 3, 2026 at 10:49 PM IST
भोपाल: होम लोन की यदि ईएमआई बाउंस हो गई है और बैंक द्वारा भारी भरकम ब्याज वसूला जा रहा है, तो कोर्ट में पेंडिंग ऐसे मामलों को आसानी से सुलझाया जा सकेगा. भोपाल जिला अदालत में लंबित मामलों को जल्द सुलझाने के लिए 17 सितंबर को लोक अदालत लगाई जा रही है.
इसमें कुटुंब न्यायालय, श्रम न्यायालय, विद्युत अधिनियम जैसे जुड़े मामलों की सुनवाई की जाएगी. भोपाल कोर्ट में चैक बाउंस और पेमेंट सेटलमेंट के ही करीबन 20 हजार मामले पेंडिंग हैं. लोक अदालत में 4 हजार मामलों का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है.
भोपाल कोर्ट में लंबित हैं डेढ़ लाख मामले
भोपाल कोर्ट में करीबन 1 लाख 64 हजार मामले पेंडिंग हैं. इनमें चैक बाउंस के ही 20 हजार से ज्यादा मामले हैं. इसके अलावा कुटुंब न्यायालय से जुड़े 7 हजार 685 मामले चल रहे हैं. ऐसे मामलों में कई मामले ऐसे भी होते हैं, जिनमें दोनों पक्षों की सहमति से मामलों को सुलझाया जा सकता है.
ऐसे मामलों को सुलझाने और दोनों पक्षों को राहत देने के लिए 17 सितंबर को लोक अदालत लगाई जा रही है. लोक अदालत में इस बार 10 हजार 757 केसेस रिफर किए गए हैं. इसमें से 4 हजार केसेस का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है.
कुटुंब न्यायालय में 8 हजार मामले पेंडिंग
जिला विधिक सेवा के सचिव सुनीत कुमार अग्रवाल ने बताया, "राजधानी भोपाल के कुटुंब न्यायालय में करीबन 8 हजार मामले पेंडिंग हैं. इनको लेकर कोर्ट में सुनवाई चल रही है. इसमें से 316 मामलों को लोक अदालत के लिए भेजा गया है. सिविल मामलों में कोर्ट निपटने के बाद उनके निष्पादन से जुड़े मामले ही राजधानी भोपाल में करीबन 8 हजार पेंडिंग हैं. ऐसे 300 केसेस की लोक अदालत में सुनवाई की जाएगी.
चैक बाउंस और पेमेंट सेटलमेंट एक्ट से जुड़े 20 हजार मामले लंबित है. लोक अदालत में ऐसे करीबन 1 हजार मामलों को सुलझाने का लक्ष्य रखा गया है. भोपाल कोर्ट में विद्युत अधिनियम से जुड़े बिजली चोरी के 1900 मामले पेंडिंग हैं. लोक अदालत में ऐसे करीबन 800 मामलों को रखा जाएगा."
- एक साथ 5 लाख मामलों की होगी सुनवाई, 14 मार्च को लगेगी लोक अदालत
- विदिशा: लोक अदालत में आपसी सहमति से सुलझेंगे 11 हजार मामले, 8 मार्च को आयोजन
'लोक अदालत में जुर्माना राशि में मिलेगी छूट'
सचिव सुनीत कुमार अग्रवाल ने बताया, "चैक बाउंस और विद्युत से जुड़े मामले में पेनल्टी की भारी भरकम राशि में विशेष छूट मिल सकेगी. विद्युत वितरण कंपनी से जुड़े घरेलू बिजली कनेक्शन के मामले में 10 लाख तक की वसूली के केस में पेनल्टी पर छूट मिल सकेगी.
इसके अलावा बैंक रिकवरी के मामलों में भी पेनल्टी और ब्याज की राशि में छूट मिल सकती है. नगर निगम के प्रॉपर्टी टेक्स, जल कर से जुड़े मामले में भी पेनल्टी में छूट मिल सकेगी. चैक बाउंस से जुड़े कई मामलों में भारी भरकम कोर्ट फीस देनी होती है, ऐसे मामलों में लोक अदालत में फीस पूरी रिफंड होती है."
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