मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत के जागरूकता अभियान के तहत दो प्रचार गाड़ियां पूर्व‑पश्चिमी क्षेत्रों में रवाना
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत से पहले जागरूकता अभियान शुरू किया, जहाँ जिला जज श्वेता सिंह ने दो प्रचार गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर चलाया। ये गाड़ियां जिले के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में जाकर नागरिकों को आपराधिक शमनीय, एनआई एक्ट धारा 138, श्रम, उपयोगिता बिल, भरण‑पोषण, बैंक‑बीमा, मोटर दुर्घटना और पारिवारिक विवाद जैसे सुलह योग्य मामलों के तेज़ और आपसी सहमति से निपटारे के लाभ बतायेंगी। प्राधिकरण लोगों से अपील करता है कि वे अपने ऐसे मामलों को लोक अदालत में लाएँ ताकि समय और लागत दोनों बचाए जा सकें।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Bihar
- Muzaffarpur
- Muzaffarpur National Lok Adalat | Awareness Campaign Launched & Vans Flagged
मुजफ्फरपुर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत:जागरूकता अभियान शुरू; दो प्रचार गाड़ियां रवाना, सुलह योग्य मामलों का होगा निपटारा
- कॉपी लिंक
मुजफ्फरपुर में 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता अभियान शुरू हो गया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने यह अभियान चलाया है।
जिला जज श्वेता सिंह ने दो प्रचार गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये गाड़ियां जिले के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में जाकर लोगों को लोक अदालत के बारे में बताएंगी।
जल्द और आपसी सहमति से होगा मामलों का निपटारा
जिला जज श्वेता सिंह ने बताया कि इन गाड़ियों से लोगों को लोक अदालत में मामलों के जल्द और आपसी सहमति से निपटारे की जानकारी मिलेगी। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को लोक अदालत से जोड़ना है, ताकि सालों से अटके मामलों का आसानी से हल हो सके।
कई तरह के मामलों का होगा निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में कई तरह के मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया जा सकता है। इनमें आपराधिक शमनीय मामले, एनआई एक्ट की धारा 138 से जुड़े मामले, श्रम विवाद, बिजली-पानी के बिल और भरण-पोषण के मामले शामिल हैं। इसके अलावा बैंक और बीमा संबंधी मामले, मोटर दुर्घटना दावा वाद (MACT) और वैवाहिक व पारिवारिक विवाद भी निपटाए जाएंगे।
दोनों पक्षों की सहमति से सुलझेंगे विवाद
प्रचार गाड़ियां लोगों को यह भी बताएंगी कि लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से विवाद सुलझाए जाते हैं। यहां लिए गए फैसलों को कानूनी मान्यता मिलती है। लोक अदालत से मामलों का निपटारा होने पर समय और पैसा दोनों बचते हैं।
लोगों से लोक अदालत में मामले लाने की अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने लोगों से अपील की है कि वे अपने सुलह योग्य मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में लाएं और जल्द समाधान का फायदा उठाएं। दोनों प्रचार गाड़ियां जिले के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में पहुंचकर लोगों को लोक अदालत की प्रक्रिया और इसके फायदों के बारे में जागरूक करेंगी।
- निशांत का SKMCH के डॉक्टरों ने किया विरोध: सुरक्षा घेरे में अस्पताल परिसर से बाहर निकले स्वास्थ्य मंत्री; वेतन-बेहतर पढ़ाई की सुविधा को लेकर हंगामा
- 'डस्टबिन घोटाले में तेजस्वी-मंगल पांडेय की भूमिका की जांच हो': प्रशांत किशोर बोले- खरीद की योजना महागठबंधन की सरकारी में बनी, एनडीए ने खरीद की
- सकरा के स्कूलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई: बच्चों ने नाटक, नृत्य और मटकी फोड़कर भगवान कृष्ण की लीलाएं दिखाईं
- दो भैंस चोरी के बाद ग्रामीणों ने दंपती को पकड़ा: बहन का दावा- "भाई भी वारदात में शामिल"
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
इल्लाहाबाद हाई कोर्ट ने इत्तेहाद‑ए‑मिल्लत काउंसिल अध्यक्ष की जमानत याचिका खारिज, 'सर‑तन‑से‑जुदा' नारे को राष्ट्रीय एकता की चुनौती माना

सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना पार्षद पर डॉक्टर‑हिंसा केस में जमानत पर कड़ी चेतावनी दी

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों पर हिंसा को कड़ा संदेश: नेताओं को जवाबदेह ठहराया

सुप्रीम कोर्ट ने 3‑महीने की सीमा तय की, फिर फैसला देने में दो साल लगाए

लाम डोंग प्रांत ने व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून के प्रचार-प्रसार के साथ साइबर सुरक्षा अभ्यास कार्यक्रम का शुभारंभ किया

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा: विदेश में लापता भारतीय की जाँच का कानूनी आधार क्या?

शिमला कोर्ट ने शादी के झांसे के आरोप में आरोपी को बरी किया

हाईकोर्ट ने तय किया: शरिया कोर्ट नहीं बना सकता वैध तलाक, केवल धार्मिक राय दे सकता है
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने दो साल की देरी के बाद 3‑महीने की सीमा तोड़ते हुए आदेश सुनाया
- साइंस‑आधारित जांच व निजता: सुप्रीम कोर्ट ने किया जरूरी संतुलन पर ज़ोर
- शिवसेना पार्षद के डॉक्टर पर हमले के जमानत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए, सड़कों पर ऐसे लोगों का हक नहीं
- छह महीने से अधिक आरक्षित फैसले पर पुनः सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश को आवेदन का अधिकार
- 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत: पेंडिंग ट्रैफिक चालानों का आसान निपटारा और बड़ी छूट
- सुप्रीम कोर्ट ने नगा उग्रवादी होपेसन निंगशेन की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर, अपील तक दिल्ली से बाहर न जाने की शर्त लगाई
- सच्चाई की तलाश में: सुप्रीम कोर्ट ने 9 साल बाद दुष्कर्म के दोषी को रिहा किया
- हाईकोर्ट ने कहा: क्लोजर रिपोर्ट के बाद भी मजिस्ट्रेट सीधे तलब कर सकते हैं

