हरियाणा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत: पेंडिंग कोर्ट केस और ट्रैफिक ई‑चालान निपटाने का अवसर
हैल्सा द्वारा 12 सितंबर 2026 को पूरे राज्य में तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जा रही है, जिससे नागरिक बिना अतिरिक्त कोर्ट फीस के अपने लंबित मुकदमों और ओवर‑स्पीड, रेड‑लाइट जंप आदि जैसे कंपाउंडेबल ट्रैफिक ई‑चालानों को रियायती दरों पर निपटा सकते हैं। गंभीर अपराध जैसे ड्रंक‑ड्राइविंग या हिट‑एंड‑रन इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे, और दस्तावेज़ीकरण हेतु चालान की प्रिंटआउट, RC, ड्राइविंग लाइसेंस और वैध बीमा की आवश्यकता होगी।

सौजन्य से:- Navbharat Times
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA) की ओर से राज्यभर में 12 सितंबर 2026 को साल की तीसरी नैशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाने वाला है। इसके जरिये नागरिक अपने पेंडिंग कोर्ट केस और ट्रैफिक ई-चालान भारी छूट के साथ आपसी समझौते से आसानी से निपटा सकते हैं। यह आयोजन उनलोगों के लिए एक बड़ा अवसर है, जिनके कोर्ट में पुराने मामले या ट्रैफिक ई-चालान लंबे समय से पेंडिंग हैं। इस राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य बिना किसी अतिरिक्त कोर्ट फीस के आपसी समझौते और रियायती दरों पर मामलों का जल्दी निपटारा करना है, जिससे आम जनता को अदालती चक्करों से छुटकारा मिल सके।
Haryana National Lok Adalat 2026 Date And Procedure: हरियाणा स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (HALSA) द्वारा 12 सितंबर 2026 को पूरे राज्य में साल की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जो नागरिकों के लिए पेंडिंग कोर्ट मामलों और ट्रैफिक ई-चालान को आपसी समझौते से निपटाने का सुनहरा मौका है। इस लोक अदालत में ओवर-स्पीडिंग और रेड लाइट जंप जैसे कंपाउंडेबल चालान भारी छूट के साथ बिना किसी कोर्ट फीस के निपटाए जा सकते हैं। इसके लिए चालान का फिजिकल प्रिंटआउट और जरूरी दस्तावेज लेकर संबंधित जिला न्यायालय या परिसर पहुंचना अनिवार्य होता है। समय रहते चालान ना चुकाने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं, जैसे कि कोर्ट समन जारी होना, वाहन पोर्टल पर गाड़ी ब्लैकलिस्ट होना, ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड होना, या बार-बार पेश न होने पर गैर-जमानती वॉरंट के साथ जेल की सजा तक होना।
कौन से ट्रैफिक चालान निपटाए जा सकते हैं और कौन से नहीं?
आपको बता दें कि इस लोक अदालत में केवल वे ट्रैफिक चालान और कंपाउंडेबल (समझौते योग्य) अपराध ही सुलझाए जा सकते हैं, जिनमें कम जुर्माने का प्रावधान है।
ओवर-स्पीडिंग, रेड लाइट जंप करना, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के गाड़ी चलाना, गलत पार्किंग और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने जैसे चालान आसानी से निपटाए जा सकते हैं।
शराब पीकर गाड़ी चलाना (ड्रंक एंड ड्राइव), हिट-एंड-एंड रन के मामले या किसी सक्रिय आपराधिक एफआईआर से जुड़े गंभीर अपराध इस प्रक्रिया के तहत स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
स्थान, बुकिंग प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
यह लोक अदालत हरियाणा के सभी जिला न्यायालय परिसरों, उप-मंडलों (जैसे फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी) और चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में एक साथ आयोजित की जाएगी।
हर जिले के नियम अलग हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, गुरुग्राम में कार्यक्रम से पहले डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जाकर ऑफलाइन टोकन लेना अनिवार्य है, जबकि अन्य जिलों में सीधे प्रिंटआउट मान्य हो सकते हैं।
चालान या नोटिस का फिजिकल प्रिंटआउट, मूल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), ड्राइविंग लाइसेंस (DL) और वैलिड इंश्योरेंस कॉपी या PUC साथ रखना जरूरी है, क्योंकि डिजिटल कॉपियां आमतौर पर स्वीकार नहीं की जाती हैं।
ट्रैफिक चालान ना भरने के गंभीर परिणाम
आपको बता दें कि अगर कोई नागरिक समय रहते अपना ट्रैफिक चालान नहीं भरता है, तो मामला वर्चुअल कोर्ट या जिला अदालतों में भेज दिया जाता है, जिससे मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
चालान अनदेखा करने पर कोर्ट समन नोटिस जारी हो सकता है, वाहन पोर्टल पर गाड़ी ब्लैकलिस्ट हो सकती है, ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है और लगातार पेश ना होने पर गैर-जमानती वॉरंट (NBW) के साथ जेल तक जाने की नौबत आ सकती है।
ऐसे में आपके लिए अच्छा होगा कि 12 सितंबर 2026 को हरियाणा प्रदेशभर में आयोजित होने वाले इस लोक अदालत का लाभ उठाकर अपने पेंडिंग चालानों को समय रहते जरूर निपटा लें।
💬NBT चर्चा
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लेखक के बारे मेंओम प्रकाश धीरज ओम प्रकाश धीरज, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के अनुभवी जानकार और एक्सपर्ट हैं। वह सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में नवभारतटाइम्स ऑनलाइन के साथ काम कर रहे हैं। 12 साल का अनुभव रखने वाले ओम ने कार-बाइक, इलेक्ट्रिक वीकल्स समेत अन्य तरह की गाड़ियों पर लॉन्च से लेकर रिव्यू तक व्यापक कवरेज किया है। लगभग 10 हजार से ज्यादा आर्टिकल्स के माध्यम से इन्होंने देश और दुनिया में चल रहे ऑटो ट्रेंड्स के बारे में विस्तृत जानकारियां दी हैं। रियल टाइम में सही और सटीक जानकारी देकर पाठकों को जागरूक करना हमेशा से ओम का लक्ष्य और काम कर रहा है, जिसमें वह सफल हुए हैं।
बतौर ऑटो राइटर ओम का काम सटीकता, विश्वसनीयता और नैतिक जिम्मेदारी जैसे मानकों पर खरा उतरता है। इनके लेख रिसर्च और फैक्ट्स पर आधारित होने के साथ ही कंपनियों की प्रेस रिलीज और डेटा पर बेस्ड होते हैं। ओम को स्पष्ट और सहज भाषा में लिखना पसंद है, ताकि हर वर्ग के पाठक ऑटोमोबाइल सेक्टर पर जानकारी पा सकें। जर्नलिज्म की डिग्री इन्हें 5Ws और H (Who, What, Where, When, Why, How) के पैमानों को सटीकता से कवर करने में हमेशा से मददगार और प्रासंगिक रखने में मददगार रही है। ऑटोमोबाइल राइटर के तौर पर ओम सटीक और सही जानकारी पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं।
ओम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से पॉलिटिकल साइंस में बीए (ऑनर्स) और IGNOU से पॉलिटिकल साइंस में एमए के साथ ही इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है।... और पढ़ें
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