रेवाड़ी के फास्ट ट्रैक कोर्ट में नाबालिग के दुष्कर्म के आरोपी गगन को 10 साल की कठोर जेल, 5,000 रुपये जुर्माना
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने कोसली थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गगन को दोषी पाया और 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5,000 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया, जो न चुकाने पर अतिरिक्त एक माह की सजा लागू होगी।

सौजन्य से:- Jagran
दुष्कर्म मामले में दोषी गगन को 10 साल की कठोर कारावास की सजा, अदालत ने जुर्माना भी लगाया
रेवाड़ी में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी गगन को दोषी करार दिया है। ...और पढ़ें
HighLights
- रेवाड़ी में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी करार।
- आरोपी गगन को 10 साल कैद की सजा सुनाई।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 5 हजार जुर्माना भी लगाया।
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। रेवाड़ी में कोसली थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉक्टर मैनपाल रामावत की अदालत ने दोषी गगन को 10 साल कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस के अनुसार, कोसली थाना क्षेत्र के रहने वाले व्यक्ति ने एक जनवरी 2025 को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी करीब 17 वर्षीय नाबालिग बहन सुबह करीब 10 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई।
कोई सुराग नहीं लगा
परिवार के लोगों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। पीड़ित ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहन का अपहरण किए जाने की आशंका जताई थी। शिकायत पर कोसली थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
आरोपी गगन को गिरफ्तार किया
वहीं, जांच के दौरान पुलिस को नाबालिग को महेंद्रगढ़ जिले के एक गांव में मिल गई थी। नाबालिग ने पुलिस को दिए बयान में महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले युवक गगन पर बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने मामले में पोक्सो एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ीं और आरोपी गगन को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान दर्ज कराए। सभी साक्ष्यों और मामले के विभिन्न पहलुओं पर सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एएसजे डॉ. मैनपाल रामावत ने गगन को दोषी करार दिया।
यह भी पढ़ें- फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों की सूची में यूपी सबसे ऊपर, आरटीआई में खुलासा
अदालत ने दोषी को 10 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में उसे एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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