UCC के विरोधी हैं मौलाना साजिद रशीदी, आरोपी दोहरे मापदंड का
मौलाना साजिद रशीदी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कानून से ज्यादा उसके प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है। रशीदी ने शरिया कानून की वकालत की और दोहरे मापदंड का आरोप लगाया।

सौजन्य से:- Navbharat Times
पश्चिम बंगाल में UCC लागू करने की चर्चाओं के बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि कानून से ज्यादा उसके प्रभावी क्रियान्वयन की जरूरत है। रशीदी ने शरिया कानून की वकालत करते हुए भारत में दोहरे मापदंड का आरोप लगाया।
नई दिल्ली: उत्तराखंड, गुजरात और असम की राह पर अब पश्चिम बंगाल में भी यूसीसी बिल जाए जाने की तैयारी है। अब इस पर सियासी घमासान तेज हो गया है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, 'कोई भी बिल हो, कोई भी कानून हो, जब तक उसका सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं होगा, उसका कोई फायदा नहीं है।' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस्लामिक देशों में करप्शन और रेप के मामले कम हैं, क्योंकि वहां पर शरिया कानून चलता है।
साजिद रशीदी ने कहा, निर्भया कांड के बाद रेप के खिलाफ सख्त कानून बना, लेकिन क्या उसके बाद रेप रुक गए? चोरी, हत्या और डकैती के खिलाफ भी बहुत सारे कानून हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनका क्रियान्वयन कैसा है और लोगों को उससे फायदा क्या हो रहा है। जितने भी इस्लामिक देश हैं, वहां रेप, करप्शन, डकैती जीरो प्रतिशत हैं। रेप करेगा तो फांसी होगी। चोरी करेगा तो हाथ काट दिए जाएंगे। यह ऐसे कानून है कि एक को सजा मिले तो हजारों लोगों को सीख मिलती है।
UCC पर भड़के
AIIA अध्यक्ष ने कहा, 'मेरा मानना है कि यूसीसी ऐसे समय में लाया जा रहा है जब देश में दोहरा कानून चलता हो। मुस्लिम के लिए अलग, हिंदू के लिए अलग। मुसलमान पकड़ा जाए तो उसकी ठुकाई पिटाई होती, घर तोड़ा जाता है, उसी जुर्म में कोई हिंदू पकड़ा जाए तो उसे उठाकर जेल भेज देते हैं। न ठुकाई पिटाई होती है और न उसका घर टूटता है। जहां दोहरे मापदंड हों, वहां यूसीसी क्या करेगा।'
'पहले के कानूनों को सही से लागू करवाएं'
उन्होंने कहा, जो लोग यूसीसी लाने की बातें कर रहे हैं, वो लोग पहले से जो कानून है उन्हें सही से लागू तो कर लें। अभी वह कानून समानता के साथ नहीं है। आप UCC लाकर क्या कर लोगे?
साजिद रशीदी ने भरत तिवारी एनकाउंटर पर कहा, 'भरत ने क्या कर दिया था? भरत की जिंदगी देखो, उसका काम देखो, वह यही तो था कि भ्रष्टाचार न हो, जो हो रहा है उसकी जांच हो। उसने अपने लिए क्या किया? आपने उसे एनकाउंटर में मार दिया ताकि आवाज न उठा सके। ऐसे पुलिस वालों के खिलाफ FIR नहीं, उन्हें चौराहे पर फांसी दे देनी चाहिए। उन्हें पब्लिक के हवाले कर दिया जाना चाहिए। उसे किस जुर्म में मारा।'
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष ने राम मंदिर दान विवाद पर कहा, 'कोर्ट ने कहा था कि एक ट्रस्ट बनाइए। ट्रस्ट में कौन लोग होंगे, यह कोर्ट ने नहीं कहा था। आपने अपनी मर्जी से अपने लोगों को उसमें रख दिया। दूसरी बात, चोरी होने के बाद यह तो तय है कि जो लोग ट्रस्ट में हैं, उनके बिना चोरी नहीं हो सकती। राम मंदिर चोरी में जिन लोगों के नाम आ रहे हैं, उन्हें उठाकर जेल में डालिए। उनके घर तोड़िए। बुलडोजर चलाइए।'
लेखक के बारे मेंअभिषेक पाण्डेयअभिषेक पाण्डेय नवभारत टाइम्स में डिजिटल में पत्रकार हैं। वे जुलाई- 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। वह वर्तमान में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। पत्रकारिता में बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर काम करने का 4 वर्षों का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, महाकुंभ 2025 को काफी करीब से कवर किया है। अभी वह राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सियासी उथल-पुथल, सामाजिक परिवर्तन और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखते हैं।
विशेषज्ञता
उत्तर भारत के राज्यों की सियासी व आपराधिक घटनाक्रम पर अच्छी पकड़, किताबों के जरिए इतिहास को वर्तमान के पन्नों में खंगालने की कोशिश।
पत्रकारिता अनुभव
रामा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद अभिषेक पाण्डेय ने दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए फ्रीलांसिग की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के लिए जारी होने वाली धनराशि में घोटाले का खुलासा, सरकारी राशन वितरकों द्वारा 'राशन चोरी' का भंड़ाफोड़ किया, साथ ही किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इसके बाद साल 2022 में दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर के पद पर अपने करियर की औपचारिक शुरुआत की। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की डेस्क पर अपनी पकड़ मजबूत की। बेहतरीन लेखनी और कार्य के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने उन्हें 2024 में वरिष्ठ उप संपादक के पद पर प्रमोट किया। दैनिक जागरण में रहते हुए उन्होंने, खबरों का संपादन, एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया। इसके बाद अभिषेक पाण्डेय ने जुलाई 2025 में नवभारत टाइम्स के साथ अपनी पारी की शुरुआत की।
शिक्षा/पुरस्कार
मूल रूप से कानपुर से जुड़े अभिषेक पाण्डेय ने रामा यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। दैनिक जागरण में उन्हें तीन बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया था।... और पढ़ें
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