कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच की सुस्ती पर दिया अल्टीमेटम
कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में सीबीआई की धीमी जांच पर कड़ी नाराजगी जताई है और उसकी तेजी लाने या मामला वापस लेने की चेतावनी दी है। अदालत ने नई एसआईटी में पुराने अधिकारियों को शामिल न करने का निर्देश दिया है।

सौजन्य से:- Jagran
'जांच में सुस्ती बर्दाश्त नहीं, वर्ना वापस ले लेंगे केस' आरजीकर मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट का CBI को अल्टीमेटम
कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामले में सीबीआई की धीमी जांच पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने सीबीआई को जांच में तेजी लाने या मामला वापस ल ...और पढ़ें
HighLights
- हाई कोर्ट ने सीबीआई की कछुआ गति पर जताई नाराजगी।
- अदालत ने जांच में तेजी न आने पर मामला वापस लेने की चेतावनी दी।
- नई एसआईटी में पुराने अधिकारियों को शामिल न करने का निर्देश।
जागरण ब्यूरो, कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कालेज और अस्पताल के बहुचर्चित और संवेदनशील मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने सीबीआइ के ढीले रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उसे जबरदस्त फटकार लगाई है। अदालत ने जांच की कछुआ गति पर तीखे सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि जांच में तेजी नहीं आई, तो अदालत इस मामले को सीबीआइ के हाथों से वापस ले लेगी।
न्यायमूर्ति शंपा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान सीबीआइ की कार्यशैली पर एक के बाद एक कई तीखे सवाल दागे और पूछा कि चार्जशीट दाखिल होने के एक साल सात महीने बाद भी जांच पूरी क्यों नहीं हुई?
कोर्ट ने सीबीआई अधिकारी को लगाई फटकार
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़े लहजे में कहा कि सीबीआइ के अधिकारी शायद अदालत के आदेशों की गंभीरता को समझने में विफल रहे हैं या खुद को अदालत से ऊपर समझ रहे हैं। न्यायमूर्ति सरकार ने पूछा कि इस मामले में सबूतों को नष्ट करने और अपराधियों को संरक्षण देने के पीछे कौन लोग थे, इसका पता अब तक क्यों नहीं लगाया गया?
पीड़िता की मां का जो बयान दर्ज किया गया है, वह सीबीआइ की केस डायरी और रिपोर्ट में क्यों गायब है? अदालत ने सीबीआइ द्वारा हाल ही में गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) पर भी सवाल उठाए।
कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
खंडपीठ ने कड़ा निर्देश दिया कि इस मामले की शुरुआती जांच से जुड़े किसी भी पुराने अधिकारी को नई एसआइटी में शामिल नहीं किया जाएगा, ताकि जांच पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो सके।
खबरें और भी
हालांकि, पीड़ित परिवार ने मामले को राज्य की सीआइडी को सौंपने की गुहार लगाई, लेकिन अदालत ने कहा कि वे अभी भी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा बनाए रखना चाहते हैं। कोर्ट ने सीबीआइ को जांच की प्रगति और त्रुटियों को सुधारने के लिए आखिरी मौका देते हुए मामले की अगली सुनवाई छह अगस्त तय की है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
ताज़ा ख़बरें
- निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
- ममता बनर्जी पर हमला: अरविंद केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय साप्ताहिक राउंड-अप: 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
- यूपी में खराब कानून व्यवस्था पर अखिलेश यादव ने की सरकार की आलोचना
- भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया: अखिलेश यादव
- स्मृति सभा में शामिल होने पर टिस के दो छात्रों की गिरफ्तारी, अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
- मंत्री पटेल ने विपक्ष के आरोपों का दी reply, कहा नहीं ओबीसी आरक्षण घटाया
- क्या भारत में किसी राज्य में धर्म परिवर्तन के लिए सबसे सख्त कानून है?

