राम मंदिर चढ़ावा मामला: उच्चतम न्यायालय ने तात्कालिक सुनवाई की मांग ठुकराई
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान और चढ़ावे के प्रबंधन की कोर्ट की निगरानी में जांच और फोरेंसिक ऑडिट की मांग करने वाली जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को आश्वासन दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री इस मामले को सूचीबद्ध करेगी।

सौजन्य से:- Jagran
राम मंदिर चढ़ावा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग ठुकराई
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन की कोर्ट की निगरानी में जांच और फोरेंसिक ऑडिट की मा ...और पढ़ें
HighLights
- कोर्ट ने याचिकाकर्ता को भरोसा दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री इस मामले को सूचीबद्ध करेगी
- याचिका में चढ़ावे में कथित हेराफेरी की एफआईआर दर्ज करके निष्पक्ष व समयबद्ध जांच की मांग की गई है\
आईएएनएस, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन की कोर्ट की निगरानी में जांच और फोरेंसिक ऑडिट की मांग करने वाली जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को भरोसा दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री इस मामले को सूचीबद्ध करेगी।
खुद याचिकाकर्ता के तौर पर पेश हुए वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जोयमाल्या बागची की पीठ के सामने कहा कि उनकी तात्कालिक मांग सिर्फ मामले को जल्द सूचीबद्ध कराने की है, ताकि अहम सुबूतों को सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने दान एवं चढ़ावे से जुड़े सीसीटीवी फुटेज व डीवीआर रिकॉर्डिंग, डिजिटल पेमेंट लाग व लेनदेन रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और पेश करने के लिए उचित निर्देश देने की भी मांग की।
वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा दायर एक अन्य जनहित याचिका पर पीठ ने कहा कि वे 29 जून को अपनी याचिका का उल्लेख करें। इसमें चढ़ावे में कथित हेराफेरी की एफआईआर दर्ज करके निष्पक्ष व समयबद्ध जांच की मांग की गई है।
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