हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, दरगाह को ध्वस्त करने की क्या जरूरत?
राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिले की दरगाह के ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने नोटिस का जवाब और अगली सुनवाई की तिथि 29 जून निर्धारित की है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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हाईकोर्ट ने जैसलमेर दरगाह मामले में सरकार से मांगा जवाब:ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ लगी थी याचिका, अब 29 जून को होगी अगली सुनवाई
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जैसलमेर जिले के रामगढ़ स्थित पीर मोहम्मद शाह जिलानी दरगाह को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। दरगाह के ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने जवाब पेश करने के लिए हाईकोर्ट से समय मांगा है।
अवकाशकालीन पीठ के न्यायाधीश जस्टिस बलजिंदरसिंह संधू ने मामले की अगली सुनवाई 29 जून को निर्धारित की है। पीठ ने याचिकाकर्ता को नोटिस का जवाब देने की स्वतंत्रता भी प्रदान की है।
याचिका में कहा-200 साल पुरानी दरगाह
याचिका में बताया गया है कि यह दरगाह करीब 200 साल पुरानी है और लंबे समय से धार्मिक गतिविधियों का केंद्र रही है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और हर साल आयोजित होने वाले उर्स कार्यक्रम को भी स्थानीय प्रशासन अनुमति देता रहा है।
याचिकाकर्ता ने यह भी जानकारी दी कि दरगाह के पास स्थित कब्रिस्तान को देखते हुए ग्राम पंचायत ने 2021 में तीन बीघा भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव पारित किया था, जो अब तक पेंडिंग है।
सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा
दरगाह समिति का आरोप है कि जून 2026 में सीमा क्षेत्रों में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई के बाद जारी किया गया। यह नोटिस सुप्रीम कोर्ट द्वारा संरचनाओं के ध्वस्तीकरण संबंधी निर्धारित प्रक्रिया और दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए न्यायालय से समय मांगा।
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