सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप सरकार को दी शरणार्थियों को वापस भेजने की स्वायत्तता
सुप्रीम कोर्ट ने संघीय सरकार के अधिकार को सही माना और कहा कि अमेरिका के मेक्सिको सीमा पर पकड़े गए लोगों को वापस भेजा जा सकता है।

सौजन्य से:- Jagran
मेक्सिको सीमा विवाद: घुसपैठियों को वापस भेजने के मामले में ट्रंप को मिला सुप्रीम कोर्ट का साथ
कोर्ट ने संघीय सरकार के शरणार्थियों को वापस भेजने के अधिकार को सही माना है। कोर्ट ने मेक्सिको सीमा पर पकड़े गए लोगों के मामले की सुनवाई करते हुए यह बा ...और पढ़ें
HighLights
- मेक्सिको सीमा पर पकड़े गए लोगों के मामले में आया फैसला
- देश में मुश्किल झेल रहे ट्रंप को मिला राहत देने वाला फैसला
रॉयटर, वाशिंगटन। ईरान युद्ध समेत कई कारणों से मुश्किलों में फंसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली।
कोर्ट ने संघीय सरकार के शरणार्थियों को वापस भेजने के अधिकार को सही माना है। कोर्ट ने मेक्सिको सीमा पर पकड़े गए लोगों के मामले की सुनवाई करते हुए यह बात कही है।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में नौ न्यायाधीशों की पीठ ने 6-3 के बहुमत से निचली अदालत के फैसले को पलट दिया। निचली अदालत ने शरणार्थियों के वापस भेजने के निर्णय को कानून का उल्लंघन का बताया था।
ट्रंप प्रशासन ने सत्ता संभालने के बाद इस नए नियम को बनाया और उस कड़ाई से अमल किया है। इसी नए नियम के चलते अवैध रूप से अमेरिका पहुंचे सैकड़ों भारतीयों को हिरासत में लेकर वापस भेजा गया था। ऐसा ही कई देशों के नागरिकों के साथ हुआ था।
आव्रजन से जुड़े जिन दो मामलों की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है उनमें से एक में ताजा फैसला आया है। अमेरिका के कानून के अनुसार वहां आया व्यक्ति शरण देने की मांग कर सकता है।
इसके बाद उसके दिए प्रार्थना पत्र पर आव्रजन विभाग विचार करेगा और निर्णय लेगा। लेकिन जिस मामले की कोर्ट में सुनवाई हुई है वह मेक्सिको सीमा पार करके अवैध रूप से अमेरिका आ रहे लोगों को सीमा पर ही रोके जाने और उन्हें गिरफ्तार कर अमेरिकी जेल में डाले जाने का मामला था।
इसी प्रकार का दूसरा मामला भी है। सुनवाई में कहा गया कि पकड़े गए लोग अमेरिका के भीतर किसी शहर, स्थान या घर में नहीं आए, इसलिए उन्हें शरणार्थी नहीं माना जा सकता है।
इसलिए उन्हें मेक्सिको वापस भेजने के निर्णय को गलत नहीं ठहराया जा सकता है। जबकि फैसले से विपरीत राय रखने वाले तीनों न्यायाधीशों ने कहा कि इस फैसले से अमेरिका के आव्रजन विभाग के अधिकारियों को वह अधिकार मिल जाएगा जिसके आधार पर वे अवैध रूप से आए किसी भी विदेशी को जबरन उसके देश वापस भेज सकेंगे।
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