भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
दिल्ली कोर्ट ने बृजभूषण सिंह को बरी किया है। कोर्ट ने कहा है कि जांच में सामने आया कि आरोप फर्जी और मनगढ़त थे।

सौजन्य से:- हिंदुस्तान
झूठे और मनगढ़त थे आरोप, बृजभूषण शरण सिंह केस पर अदालत; भाजपा हुई हमलावर
इससे पहले दिल्ली कोर्ट ने पिछले सप्ताह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह को महिला पहलवानों के उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में बरी कर दिया था। इसके बाद बृजभूषण सिंह ने मामले को राजनीति से प्रभावित बताया था।
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों में बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने के बाद दिल्ली कोर्ट ने कहा है कि केस फर्जी और मनगढ़त था। राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस पूरे मामले और बृजभूषण पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों को झूठा, मनगढ़त और राजनीति से प्रेरित करार दिया है। इसके बाद अब भाजपा हमलावर हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने झूठे आरोप लगाकर पार्टी को बदनाम लगाने का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।
इससे पहले राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ए. सी. जे. एम.) अश्विनी पंवार की अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी करते हुए बेहद अहम टिप्पणियां कीं। कोर्ट के मुताबिक पूरे मामले में मुख्य आधार बनीं दो महिला पहलवान अपने बयानों से मुकर गईं। कोर्ट ने कहा कि पहलवानों ने काउंसलिंग के बाद साफ स्वीकार किया कि उनके साथ कोई यौन उत्पीड़न नहीं हुआ था और इसीलिए यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा लगता है। कोर्ट ने आगे कहा कि पहलवानों, कुछ पुरुष एथलीटों और महादेव अकादमी के कोचों ने मिलकर आरोपी के खिलाफ झूठी और मनगढ़ंत कहानी रची।
बीजेपी का तीखा हमला
अदालत का फैसला आते ही भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पहलवानों और उनका समर्थन करने वाले राजनीतिक दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा है कि झूठे आरोप लगाने वालों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने लिखा, "आप झूठे आरोपों को हथियार बनाकर, मीडिया ट्रायल चलाकर लोगों की प्रतिष्ठा बर्बाद कर के और फिर कोर्ट में फैसला आते ही चुपचाप किनारे नहीं हो सकते। अगर झूठ की कोई जवाबदेही तय नहीं होगी, तो कल को कोई दूसरा भी ऐसा ही करेगा।"
बृजभूषण सिंह बरी
इससे पहले कोर्ट ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को महिला पहलवानों के उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े मामले में बरी कर दिया था। यह मामला ओलंपियन विनेश फोगाट सहित छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ा था। महिला पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई प्रमुख के रूप में बृजभूषण सिंह के कार्यकाल के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
बृजभूषण शरण सिंह पर भारतीय दंड संहिता के यौन उत्पीड़न, महिला की लज्जा भंग करने, पीछा करने और आपराधिक धमकी से संबंधित मामलों में आरोप लगे थे। इसे लेकर पहलवानों ने 2023 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध-प्रदर्शन भी किया था। ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों में बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी और उन्हें भारतीय कुश्ती महासंघ से हटाने की मांग की गई थी।
कानूनी कार्रवाई तब शुरू हुई, जब पहलवानों ने प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अप्रैल 2023 में 2 FIR दर्ज कीं। इस विवाद के राजनीतिक परिणाम भी देखने को मिले। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा ने बृजभूषण शरण सिंह को उत्तर प्रदेश के कैसरगंज संसदीय क्षेत्र से टिकट नहीं दिया। इसके बजाय पार्टी ने उनके बेटे करन भूषण सिंह को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने इस सीट पर जीत हासिल की।
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जागृति कुमारीजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (आई. आई. एम. सी.), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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