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चौथाई हाई कोर्टों में नहीं है नियमित चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने दी 4 न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट का कॉलेजियम ने 4 हाई कोर्ट के लिए न्यायिक अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेजे हैं। इनके साथ ही ओडिशा हाई कोर्ट के 2 जजों का तबादला भी किया गया है।

10 अगस्त 2026 को 05:15 am बजे
चौथाई हाई कोर्टों में नहीं है नियमित चीफ जस्टिस, कॉलेजियम ने दी 4 न्यायिक नियुक्तियों की सिफारिश

सौजन्य से:- नवभारत टाइम्स

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने बॉम्बे, कलकत्ता, पटना और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के लिए चार नाम केंद्र सरकार को भेजे हैं। कॉलेजियम की इन सिफारिशों से चार हाई कोर्ट में नियमित चीफ जस्टिस की नियुक्ति का रास्ता साफ हो सकता है।

चार हाई कोर्ट के लिए ये नाम

1. इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है।

2. बॉम्बे हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने का प्रस्ताव है।

3. दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाई कोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश हुई है।

4. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस और इलाहाबाद हाई कोर्ट के मूल जज जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को इसी हाई कोर्ट का नियमित चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है।

कॉलेजियम का अर्थ

कॉलेजियम सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों का वह समूह है जो हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति और तबादले की सिफारिश करता है।तीन हाई कोर्ट पर फैसला बाकी

कॉलेजियम ने राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के लिए अभी नाम तय नहीं किए हैं। इन तीनों हाई कोर्ट में क्रमश: जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा, जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस विवेक रूसिया एक्टिंग चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रहे हैं।ओडिशा हाई कोर्ट के दो जजों का तबादला

पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने ओडिशा हाई कोर्ट के जस्टिस मानस रंजन पाठक और जस्टिस कृष्ण राम महापात्र को गुजरात और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट भेजने की भी सिफारिश की है। यह फैसला न्याय व्यवस्था को बेहतर तरीके से चलाने के लिए लिया गया है।

ओडिशा हाई कोर्ट में पहले से जजों की कमी

ओडिशा हाई कोर्ट में जजों के 33 पद स्वीकृत हैं, लेकिन अभी चीफ जस्टिस समेत केवल 17 जज काम कर रहे हैं। दोनों जजों के तबादले के बाद यह संख्या घटकर 15 रह जाएगी। यानी हाई कोर्ट में आधे से ज्यादा पद खाली रह जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट में ओडिशा का प्रतिनिधित्व भी नहीं

ओडिशा हाई कोर्ट कॉलेजियम ने हाई कोर्ट में जज नियुक्त करने के लिए 8 नाम भेजे थे। इनमें 4 वकील और 4 न्यायिक अधिकारी शामिल थे। वहीं, 2 अक्टूबर 2018 को CJI दीपक मिश्रा के रिटायर होने के बाद से पिछले 8 साल में ओडिशा हाई कोर्ट का कोई जज सुप्रीम कोर्ट नहीं पहुंचा है। लगातार कई CJI ने सुप्रीम कोर्ट में राज्यों और अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की जरूरत बताई है, ताकि शीर्ष अदालत सही मायने में राष्ट्रीय अदालत के रूप में प्रतिनिधित्व कर सके।

न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

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