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श्रीलंका ईस्टर धमाकों पर बड़ा फैसला, अदालत ने फँदी सजा दी

श्रीलंका के 2019 ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में हाई कोर्ट ने पुलिस प्रमुख और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें पहले से मिली खुफिया चेतावनियों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने के लिए दोषी ठहराया है।

31 जुलाई 2026 को 03:16 pm बजे
श्रीलंका ईस्टर धमाकों पर बड़ा फैसला, अदालत ने फँदी सजा दी

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Sri Lanka Easter Attacks: श्रीलंका ईस्टर धमाकों पर बड़ा फैसला, अदालत ने कौन से बड़े अधिकारियों को ठहराया दोषी?

Fri, 31 Jul 2026 08:31 PM IST

हिमांशु सिंह चंदेल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

Published by: हिमांशु सिंह चंदेल

Updated Fri, 31 Jul 2026 08:31 PM IST

सार

श्रीलंका में 2019 के ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व पुलिस प्रमुख पुजित जयसुंदरा और रक्षा मंत्रालय के पूर्व शीर्ष अधिकारी हेमासिरी फर्नांडो को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें पहले से मिली खुफिया चेतावनियों पर कार्रवाई नहीं करने का दोषी माना। अदालत ने अपने फैसले में क्या कहा और यह मामला फिर कैसे खुला? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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विस्तार

श्रीलंका के 2019 ईस्टर संडे बम धमाकों के मामले में हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए देश के पूर्व पुलिस प्रमुख पुजित जयसुंदरा और रक्षा मंत्रालय के तत्कालीन शीर्ष नौकरशाह हेमासिरी फर्नांडो को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को पहले से मिली खुफिया जानकारी पर कार्रवाई नहीं करने और अपने कर्तव्य में आपराधिक लापरवाही बरतने का दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि समय रहते कार्रवाई होती तो इस बड़े हमले को रोका जा सकता था।

ये भी पढ़ें- आपातकाल पर नया सियासी विवाद: जयराम रमेश ने सभापति को भेजे पत्र, RSS के पूर्व प्रमुख के दावों पर क्या सबूत दिए?

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ईस्टर संडे हमले में क्या हुआ था?

21 अप्रैल 2019 को ईस्टर संडे के दिन श्रीलंका में चर्चों और लग्जरी होटलों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार आत्मघाती बम धमाके किए गए थे। इन हमलों में 279 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 45 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। यह श्रीलंका के इतिहास के सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक माना जाता है। जांच में सामने आया था कि हमले से पहले भारत की एजेंसियों ने संभावित हमले को लेकर खुफिया सूचना दी थी।

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