सीबीआई विशेष अदालत में नेटवर्क व्यवधान, कार्यवाही एक महीने से रुकाव में
लगभग एक महीने से गाजियाबाद की सीबीआई विशेष अदालतों में नेटवर्क व्यवधान जारी है, जिससे आदेश अपलोड करने और सुनवाई की तिथियों को ऑनलाइन दर्ज करने में कठिनाई हो रही है। कर्मचारियों को हर दिन सर्वर केंद्र जाकर जानकारी अपडेट करनी पड़ रही है, जिससे समय और संसाधनों की अतिरिक्त खपत हो रही है। 26 जिलों के 300‑400 मामलों की दैनिक सुनवाई को देखते हुए, तकनीकी समस्या के शीघ्र समाधान की आशा जताई जा रही है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Ghaziabad News: एक महीने से सीबीआई अदालत में नेटवर्किंग व्यवस्था ध्वस्त
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गाजियाबाद। सीबीआई की विशेष अदालतों में पिछले करीब एक महीने से नेटवर्किंग व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। इसका सीधा असर अदालती कामकाज पर पड़ रहा है। आदेश अपलोड करने से लेकर अगली तारीख ऑनलाइन दर्ज करने तक कर्मचारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। व्यवस्था सुचारू नहीं होने के कारण अदालतों के कर्मचारी जरूरी अपडेट कराने के लिए रोजाना सर्वर केंद्र का रुख कर रहे हैं। इससे समय और संसाधन दोनों की खपत हो रही है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों के भ्रष्टाचार से जुड़े केसों की सुनवाई सीबीआई की चार विशेष अदालतों में होती है। इन अदालतों में प्रतिदिन करीब 300 से 400 मामलों की सुनवाई होती है। बड़ी संख्या में मामलों की जानकारी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े ऑनलाइन तंत्र पर दर्ज की जाती है। नेटवर्क बाधित होने से आदेश और तारीख संबंधी काम समय पर पूरा करना चुनौती बना हुआ है। कर्मचारियों के मुताबिक नेटवर्क की समस्या लगातार बनी रहने से छोटे-से-छोटे अपडेट के लिए भी अतिरिक्त प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है। अदालत परिसर से ऑनलाइन काम नहीं हो पाने की स्थिति में सर्वर केंद्र जाकर जानकारी दर्ज करानी पड़ती है। इससे नियमित न्यायिक कार्य के साथ अभिलेखों को अपडेट रखने का काम भी प्रभावित हो रहा है।
लगातार बनी इस तकनीकी समस्या को लेकर कर्मचारियों में असुविधा है। उनका कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई होने के कारण नेटवर्क व्यवस्था का निर्बाध रहना जरूरी है। लंबे समय से समस्या दूर नहीं होने पर काम का दबाव बढ़ रहा है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द तकनीकी खामी दूर कर व्यवस्था सामान्य करेगा।
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अदालत के एक अधिकारी का कहना है कि नेटवर्किंग की केबल लाइन में फॉल्ट आ गया था। इसे दोबारा से नए काम के बजट के लिए हाईकोर्ट प्रस्ताव भेजा गया था। स्वीकृति मिल चुकी है, जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 26 जिलों के भ्रष्टाचार से जुड़े केसों की सुनवाई सीबीआई की चार विशेष अदालतों में होती है। इन अदालतों में प्रतिदिन करीब 300 से 400 मामलों की सुनवाई होती है। बड़ी संख्या में मामलों की जानकारी न्यायिक व्यवस्था से जुड़े ऑनलाइन तंत्र पर दर्ज की जाती है। नेटवर्क बाधित होने से आदेश और तारीख संबंधी काम समय पर पूरा करना चुनौती बना हुआ है। कर्मचारियों के मुताबिक नेटवर्क की समस्या लगातार बनी रहने से छोटे-से-छोटे अपडेट के लिए भी अतिरिक्त प्रक्रिया अपनानी पड़ रही है। अदालत परिसर से ऑनलाइन काम नहीं हो पाने की स्थिति में सर्वर केंद्र जाकर जानकारी दर्ज करानी पड़ती है। इससे नियमित न्यायिक कार्य के साथ अभिलेखों को अपडेट रखने का काम भी प्रभावित हो रहा है।
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लगातार बनी इस तकनीकी समस्या को लेकर कर्मचारियों में असुविधा है। उनका कहना है कि रोजाना बड़ी संख्या में मामलों की सुनवाई होने के कारण नेटवर्क व्यवस्था का निर्बाध रहना जरूरी है। लंबे समय से समस्या दूर नहीं होने पर काम का दबाव बढ़ रहा है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द तकनीकी खामी दूर कर व्यवस्था सामान्य करेगा।
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अदालत के एक अधिकारी का कहना है कि नेटवर्किंग की केबल लाइन में फॉल्ट आ गया था। इसे दोबारा से नए काम के बजट के लिए हाईकोर्ट प्रस्ताव भेजा गया था। स्वीकृति मिल चुकी है, जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा।
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