जब कानून के रखवाले ही वसूली करने लगते हैं तो संदेह की नजर से देखते हैं लोग : सुप्रीम कोर्ट
पुलिस अधिकारियों को लगाना होगा कि जब कानून लागू करने वाले ही जबरन वसूली करने लगते हैं, तो नागरिक संदेह की नजर से देखने लगते हैं और ऐसा दुर्व्यवहार में विरोध करना प्रतिशोध को न्योता देना है।

सौजन्य से:- Jagran
जब कानून के रखवाले ही वसूली करने लगें तो संदेह की नजर से देखते हैं लोग : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने जबरन वसूली के आरोपी तीन पुलिस अधिकारियों की अग्रिम जमानत रद कर दी है। कोर्ट ने कहा कि जब कानून लागू करने वाले ही वसूली करने वाले बन ज ...और पढ़ें
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों की अग्रिम जमानत रद्द की।
कोर्ट ने कहा, पुलिस वसूली से नागरिक संदेह में पड़ते हैं।
मुंबई रेलवे स्टेशन पर यात्री से जबरन वसूली का मामला।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने जबरन वसूली के आरोपित तीन पुलिस अधिकारियों को दी गई अग्रिम जमानत रद करते हुए कहा है कि जब कानून लागू करने वाले अधिकारी ही जबरन वसूली करने वाले बन जाते हैं, तो नागरिक संदेह की नजर से देखने लगते हैं और दुविधा में पड़ जाते हैं।
जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश को अस्पष्ट बताते हुए रद कर दिया। पीठ ने कहा- ‘जब कानून के रखवाले वसूली करने वाले बन जाते हैं तो नागरिक संदेह से देखने लगते हैं। विरोध करना तत्काल प्रतिशोध को न्योता देना है और एकमात्र विकल्प वर्दीधारी अधिकारियों के सामने चुपचाप आत्मसमर्पण करना है, भले ही स्पष्ट रूप से दुर्व्यवहार हो रहा हो।’
इस मामले में, शिकायतकर्ता अपनी बेटी के साथ मुंबई से हापा दुरंतो एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे। शिकायतकर्ता, उनकी बेटी और उन्हें छोड़ने आए एक करीबी रिश्तेदार को रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मियों ने हिरासत में ले लिया। यात्री के सामान की तलाशी के दौरान 14 ग्राम की सोने की छड़ और 31,900 रुपये नकद बरामद हुए।
आरोप है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण देने के बावजूद एक पुलिसकर्मी तीनों को पास के एक कमरे में ले गया, जहां उन्हें धमकाया गया और अपशब्द कहे गए। उन्हें सोने की छड़ के बदले नकद देने के लिए मजबूर किया गया।
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शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसके बाद सत्र अदालत ने अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। इस मामले में हाई कोर्ट ने जांच के दौरान प्राप्त सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद तीनों अधिकारियों को अग्रिम जमानत दे दी थी।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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