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बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी

बिहार में शराबबंदी कानून पर जीसीआर पूर्व मंत्री जीतन राम मांझी ने गुजरात में लागू शराबबंदी का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में भी उसी मॉडल को लागू करना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आग्रह किया कि शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे कानून का पालन भी हो और निर्दोष लोगों को परेशानी न हो।

9 अगस्त 2026 को 04:15 pm बजे
बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी

सौजन्य से:- नवभारत टाइम्स

बिहार में शराबबंदी कानून पर प्रहार

जीतन राम मांझी ने कहा कि शराबबंदी का जो कानून है, वह ठीक कानून होना चाहिए। उसके इंप्लीमेंटेशन में गड़बड़ी होने से कहीं-कहीं अनेक प्रकार की बातें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार को ऐसी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए, जिससे आम लोगों को परेशानी नहीं हो और कानून का दुरुपयोग भी न हो। मांझी ने गुजरात में लागू शराबबंदी का उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में भी उसी मॉडल को लागू किया जाना चाहिए।जीतन राम मांझी ने उठाए गंभीर सवाल

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जहां गांधी जी का जन्म हुआ था, वहां भी शराबबंदी है, लेकिन वहां लोगों में निराशा नहीं है। हम तो पहले से ही कह रहे हैं कि गुजरात मॉडल की शराबबंदी बिहार में लागू हो। मांझी ने शराबबंदी कानून के कारण गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के खिलाफ दर्ज होने वाले मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून के क्रियान्वयन में खामियों का फायदा उठाकर कुछ पदाधिकारी पैसे अर्जित करते हैं और गरीब लोगों को फंसाया जाता है।पदाधिकारी अर्जित करते हैं पैसा- मांझी

उन्होंने कहा कि शराबबंदी के चलते पदाधिकारी लोग पैसा अर्जित करते हैं और गरीबों को फंसाते हैं। आज 11-12 लाख लोगों पर किसी न किसी प्रकार का केस मुकदमा है, जिसमें हमारे छह-सात गरीब लोगों पर भी केस है।" मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आग्रह किया कि शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन में ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे कानून का पालन भी हो और निर्दोष लोगों को परेशान भी न किया जाए।उन्होंने कहा कि सरकार को शराबबंदी कानून की समीक्षा करते हुए उसके क्रियान्वयन में मौजूद कमियों को दूर करना चाहिए। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए, ताकि कानून का दुरुपयोग न हो और गरीबों को अनावश्यक रूप से मुकदमों में न फंसाया जाए।

न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

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