बच्चों की शिक्षा पर भार : शिक्षक भर्ती के लंबित मुकदमों के लिए स्पेशल कोर्ट, संघ ने दी मांग
शिक्षक भर्ती के लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए शिक्षक संघ ने स्पेशल कोर्ट की मांग की है। इन मुकदमों की सुनवाई के लिए अलग न्यायालय बनाने और निस्तारण के लिए समयसीमा निश्चित करने की मांग है।

सौजन्य से:- Jagran
पेपर लीक कानून की तरह शिक्षक भर्ती के लंबित मुकदमों के लिए भी बने स्पेशल कोर्ट, शिक्षक संघ ने उठाई मांग
शिक्षक भर्ती के लंबित मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए अलग न्यायालय और समयसीमा तय करने की मांग उठी है। ...और पढ़ें
HighLights
- शिक्षक भर्ती के मुकदमे वर्षों से अदालतों में लंबित हैं।
- इनके त्वरित निस्तारण को अलग न्यायालय की मांग।
- पेपर लीक रोधी विधेयक की तर्ज पर समयसीमा हो।
अवधेश पाण्डेय, प्रयागराज। बेसिक शिक्षा की वर्ष 2019 की 69 हजार पदों की शिक्षक भर्ती, एडेड माध्यमिक विद्यालयों की वर्ष 2013 की प्रधानाचार्य भर्ती हाई कोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन अन्य मुकदमों के दबाव में ऐसी फंसी कि याची अभ्यर्थी मुकदमा लड़ते-लड़ते थक चुके हैं।
बेसिक की भर्ती आरक्षण विसंगति के चलते सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है तो प्रधानाचार्य भर्ती पिछले दिनों यथास्थिति (स्टेटस-को) का आदेश हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच से हटने के बाद अब जारी पैनल पर एडवाइजरी जारी होने की प्रतीक्षा में अटकी है।
ऐसे प्रभावित अभ्यर्थियों व शिक्षक संगठनों ने मांग उठाई है कि भर्तियों से संबंधित मुकदमों की सुनवाई के लिए अलग न्यायालय बने और निस्तारण के लिए समयसीमा उसी तरह निश्चित की जाए, जिस तरह पेपर लीक रोधी विधेयक-2026 में व्यवस्था दी गई है।
नीट पेपर लीक के बाद पेपर लीक रोधी विधेयक-2026 बनाया गया। इसमें स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने, दो माह में जांच और आरोपपत्र की तिथि से तीन में माह में ट्रायल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके विपरीत भर्ती परीक्षाओं को लेकर अदालतों में विचाराधीन मुकदमे वर्षों से लंबित हैं।
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स्थिति यह है कि वर्ष 2013 की 632 पदों की प्रधानाचार्य भर्ती में 500 से ज्यादा चयनित प्रधानाचार्य हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ से यथास्थिति (स्टेटस-को) का आदेश पिछले दिनों तक प्रभावी रहने के अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके हैं। पिछले दिनों यथास्थिति का आदेश कोर्ट से हटने के बाद अब चयनितों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से जारी पैनल पर एडवाइजरी जारी होने की प्रतीक्षा है।
असिस्टेंट प्रोफेसर की बीएड विषय की 2022 की विज्ञापन संख्या 51 की भर्ती लेकर दाखिल याचिका हाई कोर्ट में विचाराधीन होने से चयन प्रक्रिया ठप है। 2013 की प्रधानाचार्य भर्ती में चार मंडलों में प्रथम वरीयता पर चयनित डॉ. शैलेश कुमार पाण्डेय, प्रधानाचार्य व उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रांतीय संरक्षक डॉ. हरिप्रकाश यादव तथा प्रधानाचार्य व राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री डॉ. संतोष कुमार शुक्ल ने मांग की है कि भर्तियों से संबंधित मुकदमों की सुनवाई के लिए अलग न्यायाालय बने और मुकदमा निस्तारण में वादी और प्रतिवादी द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत करने की समयसीमा भी तय हो, जिससे समय पर मुकदमे निस्तारण हो सकें।
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