राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर की केंद्रीय जांच एजेंसियों के आदेश पर आपत्ति
राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर सीबीआई, ईडी से सत्यापन करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

सौजन्य से:- लाइव लॉ
राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर सीबीआई, ईडी से सत्यापन कराने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
लाइवलॉ न्यूज़ नेटवर्क
13 अगस्त 2026 12:15 अपराह्न भारतीय समय
उन्होंने इस मामले को इलाहाबाद हाई कोर्ट से ट्रांसफर करने की भी मांग की है.
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय को एक भाजपा कार्यकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने का निर्देश दिया गया था कि गांधी के पास आय से अधिक संपत्ति है।
कांग्रेस नेता ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों को चुनौती दी है, जिसमें कर्नाटक स्थित भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा की गई शिकायत को सत्यापित करने के लिए सीबीआई और ईडी को निर्देश दिया गया था। उच्च न्यायालय ने मई में पारित अपने आदेश में कहा, "यह उम्मीद की जाती है कि यदि याचिकाकर्ता की शिकायत प्राप्त हुई है, तो शिकायतों के आरोपों को कानून के अनुसार सत्यापित किया जा सकता है। यह कहने की जरूरत नहीं है कि सी.बी.आई. या ई.डी. उचित कदम उठा सकती है जो कानून के तहत स्वीकार्य हैं।"
इसके बाद उच्च न्यायालय ने एजेंसियों को अदालत को प्रगति से अवगत कराने का निर्देश दिया। 20 जुलाई को पारित बाद के आदेश में, उच्च न्यायालय ने सीबीआई के हलफनामे पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह उसके पहले के निर्देश के अनुरूप नहीं था। कोर्ट ने आगे कहा कि ईडी ने आवश्यक कदम उठाए हैं, और कहा कि अगर जांच के दौरान कोई जानकारी मिलती है तो ईडी आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर सकती है। इसके बाद हाई कोर्ट ने मामले को आगे विचार के लिए 20 अगस्त के लिए पोस्ट कर दिया।
गांधी ने मामले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक अलग स्थानांतरण याचिका भी दायर की है।
7 अगस्त को दायर दोनों याचिकाओं पर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ 17 अगस्त को विचार करेगी।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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