यहां परिवहन विभाग का खास समाधान, पेंडिंग ई-चालान वालों को मिलेगी 50% छूट
जहानाबाद जिले में लंबित ई-चालान वाले वाहन स्वामियों को नियमित शुल्क में 50% तक की छूट दी जाएगी। राष्ट्रीय लोक अदालत द्वारा इस समाधान के तहत 12 सितंबर को शिविर लगाने की घोषणा की गई है।

सौजन्य से:- जागरण
पेंडिंग ई-चालान वालों के लिए खुशखबरी, 12 सितंबर को लोक अदालत में जुर्माने पर मिलेगी 50% की छूट
जहानाबाद में परिवहन विभाग ने लंबित ई-चालानों पर 50% छूट की घोषणा की है, जिसके लिए 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत में शिविर लगेगा। यह छूट 31 मार्च 20 ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, जहानाबाद। परिवहन विभाग द्वारा लंबित-ई चालान रखने वाले वाहन मालिकों को जमा करने पर 50 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की गई है। इस छूट का लाभ देने के लिए 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत अब्दुल बारी नगर भवन में शिविर का आयोजन किया जाएगा।
हालांकि, इस शिविर में वाणिज्यिक एवं गंभीर यातायात उल्लंघन पर छूट नहीं मिलेगी। जिले के 5201 वाहन मालिकों पर ई- चालान की राशि लंबित है।
जिला परिवहन पदाधिकारी बीरेंद्र कुमार ने बताया कि 31 मार्च 2026 तक के पात्र लंबित यातायात ई-चालानों के निपटान पर 50 प्रतिशत तक की छूट का प्राविधान किया गया है।
12 सितंबर को आयोजित तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में पात्र वाहन स्वामी एवं चालक अपने पुराने लंबित यातायात ई-चालानों का निपटान लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं और नियमानुसार चालान की राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
योजना के तहत सामान्य प्रकृति के यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित पात्र ई-चालानों पर छूट प्रदान की जाएगी।
इनमें बिना हेलमेट के वाहन चलाना, बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाना, बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाना, चालक की नियुक्ति/प्राधिकरण से संबंधित सामान्य उल्लंघन, निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना, रेड लाइट एवं स्टाप साइन का उल्लंघन करना जैसे सामान्य यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित पात्र ई-चालान शामिल हैं।
निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिक से अधिक वाहन स्वामियों एवं आम नागरिकों को योजना का लाभ उठाने की अपील की। जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक ई-चालानों पर इस योजना के तहत छूट प्रदान नहीं की जाएगी।
खबरें और भी
इसके अतिरिक्त गंभीर प्रकृति के यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित मामलों को भी छूट के दायरे से बाहर रखा गया है। वाहन स्वामियों एवं चालकों से अपील है कि 31 मार्च, 2026 तक के पात्र यातायात ई-चालान लंबित हैं और चालान की राशि अभी तक जमा नहीं की गई है, वे राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से छूट प्राप्त कर सकते हैं।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
दिल्ली उच्च न्यायालय सहित पांच स्थानों को हिंसक हमले की धमकी

चेहरे की पहचान को चुनौती देने वाले विरोध प्रदर्शन: भारत का सर्वोच्च न्यायालय सुनेगा मामला

गवर्नर हाउस घेराव के एलान पर हाईकोर्ट का कड़वा जवाब, शांति बनाए रखने का निर्देश

वार्निंग लेबल लागू करने में देरी को लेकर अदालत ने एफएसएसएआई को फटकारा

सुप्रीम कोर्ट ने कोरियन रैना जैसे 5 कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज मामले रद्द कर दिए

कर विभाग को झटका: ट्रिब्यूनल ने कर विभाग की अपील खारिज कर दी

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायधीश का शीर्ष अदालत में हलफनामा: ट्रिब्यूनल की गतिविधियों पर हाईकोर्ट के आदेश को खारिज करना है

सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल बैंक खातों से प्रतिबंध में नहीं किया हस्तक्षेप
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई, सरकारी नौकरी देने के मामले में
- सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को नौकरी देने के हाई कोर्ट के आदेश पर रोक
- कर्नाटक के नए कानून से RSS पर क्या मकसद?
- सुप्रीम कोर्ट की फटकार: पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर स्वास्थ्य चेतावनी क्यों नहीं?
- पैकेट बंद खाद्य पदार्थों पर चआदि।ावनी संबंधी कोर्ट का एफ. एस. एस. ए. आई. को आदेश
- भारत को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक राष्ट्रीय ढांचा देगी पर्यावरणीय मुआवजा व्यवस्था
- राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को चुनौती दी
- सुप्रीम कोर्ट के लाइव स्ट्रीमिंग को दुरुपयोग के शक में, सीजेआई ने चिंता व्यक्त की

