राउज एवेन्यू में अदालतों का खोलेगा तेज गति का द्वार, गंभीर मामलों का जल्द निपटारा
दिल्ली में विशेष अदालतों के जरिए गंभीर मामलों की त्वरित सुनवाई अब तेजी से शुरू होगी। राष्ट्रीय सुरक्षा, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और पेपर लीक जैसे मामलों की सुनवाई में कमी नहीं आएगी।

सौजन्य से:- Jagran
राउज एवेन्यू में विशेष अदालतों का होगा उद्घाटन, NEET पेपर लीक समेत गंभीर मामलों की सुनवाई होगी तेज
राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय सुरक्षा, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदाल ...और पढ़ें
HighLights
- राउज एवेन्यू में विशेष अदालतों का 3 अगस्त को उद्घाटन।
- राष्ट्रीय सुरक्षा, संगठित अपराध, ड्रग्स, पेपर लीक मामलों की सुनवाई।
- लंबित मामलों का तेजी से निपटारा, न्याय वितरण में सुधार।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की सुनवाई अब दिल्ली में और तेज गति से हो सकेगी।
राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में स्थापित विशेष अदालतों का उद्घाटन तीन अगस्त को भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत करेंगे। इन अदालतों की स्थापना सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की गई है।
उद्घाटन समारोह में दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय सहित कई न्यायाधीश, केंद्र और दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा न्यायिक अधिकारी मौजूद रहेंगे।
लंबित मामलों का तेजी से होगा निस्तारण
राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के मामलों की सुनवाई के लिए छह विशेष अदालतें, महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के मामलों के लिए तीन विशेष अदालतें व एनडीपीएस अधिनियम के मामलों के लिए चार विशेष अदालतें स्थापित की गई हैं।
इसके अलावा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत पेपर लीक और उससे जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट ट्रैक अदालत भी बनाई गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट के अनुसार, इन अदालतों की स्थापना का उद्देश्य संवेदनशील मामलों में समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करना और लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण करना है। विशेष अदालतों के संचालन से आतंकवाद, संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और परीक्षा घोटालों से जुड़े मामलों की सुनवाई एक समर्पित न्यायिक तंत्र के तहत होगी।
नीट समेत परीक्षा घोटालों की सुनवाई को मिलेगी रफ्तार
राउज एवेन्यू में स्थापित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई होगी। इसी अदालत में नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सीबीआइ की 20 हजार पन्नों की आरोपपत्र पर भी सुनवाई शुरू हो चुकी है।
ऐसे में नई व्यवस्था से परीक्षा घोटालों से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद बढ़ गई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि इन विशेष अदालतों की स्थापना न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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अदालत को उम्मीद है कि इससे गंभीर मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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