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भाजपा के नाप असियानी प्रयासों का लोकतंत्र विरोधी प्रकार: के. राजू

भाजपा द्वारा संविधान को बदलकर मनुवादी कानून लागू करने की कोशिश के खिलाफ रांची कांग्रेस ने कार्यक्रम का आयोजन किया। के. राजू ने कहा कि हमारे संविधान में दिया समानता का अधिकार मनुवाद के खिलाफ है। उन्होंने आरक्षण और ईडब्ल्यूएस के बारे में भी विस्तार से बात की।

5 जुलाई 2026 को 12:23 pm बजे
भाजपा के नाप असियानी प्रयासों का लोकतंत्र विरोधी प्रकार: के. राजू

सौजन्य से:- ETV Bharat

संविधान संवाद कार्यक्रम का आयोजन: संविधान की जगह मनुवादी कानून लाने की साजिश रच रही भाजपा- के. राजू

रांची में कांग्रेस की ओर से छात्रों की गूंज कार्यक्रम के तहत संविधान संवाद का आयोजन किया गया.

Published : July 5, 2026 at 5:38 PM IST

रांची: राजधानी के बैंक्वेट हॉल में द्वारा रांची महानगर कांग्रेस की ओर से 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत 'संविधान संवाद' का आयोजन किया गया. 'संविधान संवाद' कार्यक्रम की अध्यक्षता रांची महानगर कांग्रेस के अध्यक्ष कुमार राजा ने की.

इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, झारखंड प्रभारी के. राजू, सह प्रभारी श्रीबेला प्रसाद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवा प्रतिनिधियों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. इस अवसर पर वक्तताओं ने उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए संविधान, लोकतंत्र एवं युवाओं की भूमिका पर विस्तार से अपने अपने विचार रखे.

इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए के. राजू ने कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज भर नहीं है बल्कि देश की आत्मा है. यह सभी नागरिकों को समान अधिकार, न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि आज देश के युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी संविधान में निहित मूल्यों की रक्षा करना और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखना है. उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक एवं राष्ट्रीय सरोकारों के प्रति भी जागरूक रहें तथा संविधान के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करें.

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा कि भारत का संविधान में एससी एसटी और ओबीसी को आरक्षण दिया ताकि वह भी अपने जीवन को अनारक्षित वर्ग के लोगों की तरह बराबरी का जीवन जी सके. उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, ओबीसी और अन्य वर्ग के लोगों में यह जानकारी साफ साफ होनी चाहिए कि आरक्षण से सामान्य लोगों की अपॉर्चुनिटी कम होती है. आरक्षित वर्ग को यह नहीं समझना चाहिए कि आरक्षण उन्हें चैरिटी में मिली है. बल्कि संविधान निर्माताओं ने यह उन्हें अधिकार के रूप में दिया है.

के. राजू ने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं की सोच थी कि अगर समाज में सिर्फ एक सेक्शन आगे बढ़ेगा और बाकी सेक्शन पीछे छूट जाएगा. ऐसे में उस समाज में अमन चैन नहीं होगा, इसलिए संवैधानिक अधिकार के रूप में आरक्षण दिया है. एससी, एसटी और ओबीसी के छात्र यह नोट कर लें कि ईडब्ल्यूएस (EWS) की व्यवस्था सिर्फ नन रिजर्व्ड कैटिगरी यानी अनारक्षित वर्ग के लिए है.

वहीं कुछ स्टेट के आंकड़े बताते हैं कि उन राज्यों में अनारक्षित वर्ग से आने वाले लोगों की कुल संख्या 7 से 8% है जबकि उन्हें 10% का आरक्षण दिया जा रहा है. वहीं कई राज्य ऐसे हैं जहां 54% ओबीसी की आबादी है वहां सिर्फ 27% आरक्षण दिया जा रहा है, ऐसा क्यों है? यह सोचने और समझने की जरूरत है. के. राजू ने कहा कि हमारे संविधान में दिया समानता का अधिकार (राइट टू इक्वलिटी) मनुवाद के खिलाफ है. इसीलिए भाजपा भारत के संविधान को बदलकर यहां पर मनुवादी कानून लागू करना चाहती है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा संविधान की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन का अधिकार दिया है. उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे संविधान को केवल परीक्षा का विषय न समझें, बल्कि अपने जीवन का मार्गदर्शक बनाएं.

वहीं वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि युवा शक्ति ही देश की सबसे बड़ी ताकत है. यदि युवा संविधान के प्रति जागरूक होंगे तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा. उन्होंने कहा कि आज समाज में संवाद, सहिष्णुता और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है तथा कांग्रेस का उद्देश्य युवाओं के बीच इन्हीं मूल्यों को स्थापित करना है.

इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने संविधान, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र एवं युवाओं की भागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे और वक्ताओं से प्रश्न भी पूछे. संवादात्मक सत्र में छात्रों ने संविधान की रक्षा, शिक्षा की गुणवत्ता, रोजगार के अवसर और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती पर खुलकर चर्चा की.

कुमार राजा ने कहा कि छात्रों की गूंज कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों को संविधान के मूल सिद्धांतों से जोड़ना, लोकतांत्रिक चेतना का विस्तार करना तथा सामाजिक एवं राष्ट्रीय मुद्दों पर सार्थक संवाद की संस्कृति को बढ़ावा देना है. कार्यक्रम के अंत में संविधान की प्रस्तावना के मूल आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया गया.

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