हरियाणा में लोक अदालत कर रही जेल बंदियों की मदद
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में भोंडसी जेल में लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिससे कैदियों को जल्द से जल्द न्याय मिला।

सौजन्य से:- Live Hindustan
लोक अदालत में दो बंदियों को मिली रिहाई
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला एवं सत्र न्यायाधीश के मार्गदर्शन में भोंडसी जेल में लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान दो विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने जेल सुविधाओं और कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी।
गुरुग्राम, कृष्ण कुमार। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सुरा के दिशा-निर्देशानुसार भोंडसी जिला कारागार में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के मामलों का जल्द से जल्द निपटारा करना और उन्हें समय पर न्याय दिलाना है। इस दौरान दो विचाराधीन बंदियों के मामलों की सुनवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही रिहा करने के आदेश दिए गए, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी निशा ने जेल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और मुफ्त वकील की सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने जेल में चल रहे लीगल ऐड क्लिनिक का भी जायजा लिया और बताया कि कोई भी बंदी एक साधारण आवेदन देकर मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने जेल प्रशासन को बंदियों की हर जरूरत का ध्यान रखने को कहा。
बंदियों की सुविधाओं पर निर्देश
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों की खान-पान, रहन-सहन, साफ-सफाई और चिकित्सा सुविधाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने महिला बंदियों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने और परिजनों से मुलाकात की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कहा।
मुफ्त कानूनी हेल्पलाइन
निरीक्षण के दौरान बंदियों को राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस हेल्पलाइन पर कॉल करके घर बैठे भी मुफ्त कानूनी सलाह ली जा सकती है। इस मौके पर जेल अधीक्षक विकास कौशिक सहित जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के कई अधिकारी और वकील मौजूद रहे।
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