जज ने हाथों से सैंडल पहना दी बच्ची को, पिता के संग भावनात्मक पुनर्मिलन
देवास की नेशनल लोक अदालत में प्रधान जिला न्यायाधीश ने एक छोटी सी लड़की को अपने हाथों से सैंडल पहना दिया, जिससे वह तुरंत अपने पिता के गले लग गई और सभी की आंखों में आँसू आ गए। उसी कार्यक्रम में सालों से अलग रहने वाले 30 दंपतियों ने फिर से मिलकर एक‑दूसरे को माला पहनाई और कभी अलग न रहने का वचन दिया, जबकि न्यायाधीश ने पारिवारिक विवादों में संवाद और अहंकार से बचने की सलाह दी।

सौजन्य से:- ETV Bharat
अदालत में जज ने अपने हाथ से पहनाई सैंडल तो सालों बाद पिता के गले लग फफक पड़ी मासूम
देवास में नेशनल लोक अदालत में 30 दंपतियों का पुनर्मिलन. एक-दूसरे को माला पहना नई जिंदगी शुरू की. अब जुदा नहीं होने का वादा.
By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 12, 2026 at 6:39 PM IST
देवास : देवास जिला अदालत में आयोजित नेशनल लोक अदालत में उस समय माहौल बेहद भावुक हो गया, जब अपने पिता के प्यार से वंचित मासूम बेटी को स्वयं प्रधान जिला न्यायाधीश ने अपने हाथों से उसे सैंडल पहनाई. बच्ची सैंडल पहनने के बाद अपने पिता से जा लिपटी. इस दौरान बच्ची से सालों से दूर पिता के ही नहीं बल्कि ये दृश्य देखकर अदालत में मौजूद हर किसी के आंसू छलक पड़े. ऐसे और भी कई भावनात्मक दृश्य अदालत में देखने को मिले. मामूली विवाद में एक-दूसरे से बिछड़े 30 दंपतियों ने नए सिरे से जिंदगी शुरू की.
अब कभी अलग नहीं होने का वादा
देवास की जिला अदालत में आयोजित नेशनल लोक अदालत में खूब ढोल बजे. यहां कोई शादी का जश्न नहीं तो नहीं लेकिन शादी के बाद कुछ माह तक साथ रहने के बाद अलग हुए दंपतियों का मिलन हुआ. सालों से कुटुंब न्यायालय में इनके केस चल रहे थे. लेकिन अधिवक्ताओं और न्यायाधीशों के प्रयासों से इन दंपतियों का घर फिर से बस गया.
अदालत में ही पति-पत्नी ने एक-दूसरे को माला पहनाई और कभी जुदा नहीं होने का एक-दूसरे से वादा किया. इस मौके पर सभी जोड़ों को जिला न्यायाधीश द्वारा पौधे भेंट किए गए. फिर से मिलन होने पर दंपतियों ने सभी का आभार माना.
माला पहने दंपतियों का बाजों के साथ जुलूस
खास बात ये है कि जिन दंपतियों का मिलन हुआ, वे सभी माला पहने ढोल-ताशों के बीच एक-दूसरे का हाथ थामे कोर्ट से बाहर निकले. कोर्ट के बाहर निकले जुलूस में आगे एक हुए पति-पत्नी हार पहने चल रहे थे और पीछे कोर्ट स्टाफ, वकील पुष्पवर्षा करते रहे. इस दौरान परिवार के लोग ढोल-ताशों की धुन पर डांस करते रहे. सालों बाद एक हुए दंपतियों में एक खास तरह की बांडिंग भी देखने को मिली. उन बच्चों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा, जिनके माता-पिता के बीच सुलह हुई.
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आपसी संवाद से हल हो सकते हैं पारिवारिक मसले
कुटुंब न्यायालय के प्रधान जिला न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाहा की काउंसलिंग का ही असर है कि सालों से बिछड़े पति-पत्नी नई जिंदगी साथ में शुरू करने पर सहमत हुए. इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश जितेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा "पति-पत्नी के छोटे-छोटे विवाद ईगो के चलते बढ़ते चले जाते है और कोर्ट तक पहुंच जाते हैं. जितना हो सकें पति-पत्नी के बीच ईगो नहीं रहना चाहिए और हर छोटी-छोटी बातों पर आपस में चर्चा कर हल करना चाहिए." अधिवक्ता दीपक नाईक ने कहा "ये बहुत खुशी और राहत की बात है कि सभी बिछड़े जोड़े फिर से एक हो गए. देवास जिला अदालत ने नया कीर्तिमान बनाया है."
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